फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशखबर: भांडई-कीठम बाईपास से आसान होगा ट्रेनों का सफर, 82% काम पूरा, नानपुर में बनेगा नया क्रॉसिंग स्टेशन

Mon, 07 Sep 2026 09:42 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने के लिए बन रही 26.5 किलोमीटर लंबी भांडई-कीठम थर्ड बाईपास लाइन का 82 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा हो गया है। नानपुर में नया क्रॉसिंग स्टेशन बनेगा, जबकि 53 छोटे और 13 बड़े पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है।
 
विज्ञापन
ट्रेन सांकेतिक आगरा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में ट्रेनों की राह को और सुगम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने के लिए बन रही 26.5 किलोमीटर लंबी भांडई-कीठम थर्ड बाईपास लाइन का 82 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा हो चुका है। इसके पूरा होने से न सिर्फ मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन में सहूलियत होगी, बल्कि नानपुर में नया क्रॉसिंग स्टेशन बनने से रेल नेटवर्क भी मजबूत होगा।
विज्ञापन


आगरा मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में मथुरा-झांसी तृतीय रेल लाइन परियोजना के तहत इस बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना की अनुमानित लागत 5,960.76 करोड़ रुपये है। अब तक 38.65 लाख घन मीटर मिट्टी का कार्य पूरा किया जा चुका है। परियोजना के तहत 57 में से 53 छोटे पुल बन चुके हैं। 18 बड़े पुलों के सभी निचले ढांचे और 13 के ऊपरी ढांचे तैयार हो चुके हैं। पांच ओडब्ल्यूजी गर्डर की निर्माण प्रक्रिया भी पूरी हो गई है।

स्थानीय जरूरतों और ग्रामीणों की मांग पर पुलों की संख्या 37 से बढ़ाकर 75 की गई है। इसके अलावा, नानपुर में नया क्रॉसिंग स्टेशन बनाया जा रहा है और अन्य स्टेशन निर्माण का कार्य भी जारी है, जिसके तैयार होने से मंडल में रेलवे स्टेशनों की संख्या बढ़कर 101 हो जाएगी। इस लाइन के लिए 161 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित कर 540.20 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए प्रभावित 5,094 पेड़ों के बदले वन विभाग के सहयोग से 50,940 पौधे लगाए गए हैं और उनके रखरखाव की भी पुख्ता व्यवस्था की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें