पिंक ऑटो चलाने वाली महिलाएं पर्यटकों को सफर कराते समय उन्हें गाइड भी करेंगी। उन्हें टूरिस्ट गाइड नाम दिया गया है। आरटीओ से उनका ड्राइविंग लाइसेंस भी आसानी से बनेगा। ऑटो में कम से कम एक महिला यात्री का होना अनिवार्य होगा। इसकी रूपरेखा आरटीओ के स्तर से तैयार की जा रही है।
पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में पिंक ऑटो चलाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (डीटीसी) की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। वह इस योजना के बिंदु तैयार करने में लगी है।
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आरटीओ के स्तर से ड्राइविंग लाइसेंस से परमिट तक की भूमिका अदा की जाएगी। सबसे मुख्य बिंदु यह है कि पिंक ऑटो चलाने वाली महिलाएं चालक कम गाइड होंगी। प्रशिक्षण लेने के बाद वह पर्यटकों से आसानी से जुड़ सकेंगी। पिंक ऑटो में सभी पुरुष सवारी नहीं बैठ सकतीं। इस योजना में होटल उद्यमियों का भी सहयोग लिया जाएगा। डूडा के माध्यम से ऑटो के लिए आसानी से लोन कराया जाएगा। पहले चरण में 50 पिंक ऑटो चलाने का निर्णय लिया गया है।
होटलों में पार्किंग की मिलेगी व्यवस्था
पिंक ऑटो के लिए होटलों पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए होटल उद्यमियों से वार्ता की जाएगी। आरटीओ की तरफ से जल्द एक बैठक होगी, जिसमें पिंक ऑटो योजना की जानकारी उद्यमियों को दी जाएगी। यह योजना मिशन शक्ति 5.0 के तहत शुरू की जा रही है, जिससे महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके।
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बनाई गई कमेटी
एआरटीओ (प्रवर्तन) आलोक कुमार ने बताया कि पिंक ऑटो के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। इसकी अध्यक्ष डीटीसी विदिशा सिंह हैं। उनके स्तर से जल्द एक बैठक कर योजना की रूपरेखा तय की जाएगी।