आगरा के गरीब नगर में नगर निगम की ओर से तोड़े गए मकानों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बच्चों के साथ नगर निगम पहुंची महिलाओं ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पार्षद के पति पर भी गंभीर आरोप लगाए।
आगरा के जीवनी मंडी के गरीब नगर में कूड़ाघर की जमीन पर बने पांच मकानों को तोड़ने का मामला तूल पकड़ रहा है। शनिवार को गरीब नगर की महिलाएं अपने दुधमुंहें और छोटे बच्चों के साथ नगर निगम पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों से अपने लिए मकान और न्याय मांगा।
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महिलाओं ने आरोप लगाया कि नोटिस के बिना ही उनके मकान तोड़ दिए गए। जमीन भी नगर निगम की नहीं है। कागजों में यह जोंस मिल की जमीन है, जिसकी शिकायत 2019 में जोंस मिल की मालकिन ने दर्ज कराई थी। शनिवार सुबह नगर निगम पहुंची रहमत और शकील ने बताया कि गरीब नगर में कूड़ाघर की जमीन पर उनके मकान बने थे। पांच मकान बिना नोटिस तोड़ दिए। नगर निगम का कोई नोटिस उनके पास नहीं है।
उन्होंने पार्षद पति धर्मवीर सिंह पर आरोप लगाया कि वह उस जमीन पर वर्ष 2019 से ही कब्जा करना चाहते हैं इसलिए निगम पर दबाव बनाकर उनके मकान तुड़वा दिए गए। उन्हें गरीब नगर में तोड़ा गया मकान फिर से बनाकर दिया जाए। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने कहा कि जांच चल रही है। एक सप्ताह का समय निगम ने मांगा था। वह पड़ताल कराकर बताएंगे। डूडा के खाली मकान आवंटित कराए जा सकते हैं लेकिन गरीब नगर की महिलाएं अपर नगर आयुक्त के प्रस्ताव पर सहमत नहीं हुईं।
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जोंस की बेटी ने की थी शिकायत
गरीब नगर के लोगों ने खसरा खतौनी समेत कई दस्तावेज पेश किए हैं, जिनमें यह जमीन जोंस मिल की होने का दावा किया गया है। मोरिन जोंस ने इस तीन हजार वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जा करने को लेकर वर्ष 2019 में तत्कालीन पार्षद धर्मवीर सिंह और अन्य लोगों पर आरोप लगाकर शिकायत दर्ज कराई थी। वह इस जमीन पर तब महापुरुषों की मूर्तियां और शौचालय बनवाना चाहते थे।