आगरा। बैंकों में नई चेक क्लियरिंग प्रणाली लागू होने के बाद से व्यापारियों और ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो दिन का समय चेक क्लियर होेने में लगता है, लेकिन साॅफ्टवेयर अपडेट होने के कारण सभी बैंकों में चेक पास होने में 7 से 8 दिन का समय लग रहा है। बीते 10 दिन से यह समस्या सामने आई है, जिस वजह से आगरा में ही करीब 180 करोड़ रुपये के चेक पास होने के इंतजार में हैं। इससे बड़े व्यापारिक लेनदेन प्रभावित हैं। बैंकों ने अपनी शाखाओं के बाहर बोर्ड और पोस्टर लगा दिए हैं, जिसमें चेक क्लियरिंग को लेकर आ रही समस्या बताई गई है।
शहर में बैंकों की शाखाओं के बाहर चेक क्लियरिंग की समस्या से तंग आकर बैंक कर्मचारियों ने पोस्टर लगाए हैं और ग्राहकों से कहा है कि तकनीकी समस्या के कारण चेक क्लियरिंग बाधित है। आरटीजीएस और एनईएफटी करने की सलाह ग्राहकों की दी है। व्यापारियों का कहना है कि पहले जहां चेक क्लियरिंग 24 से 48 घंटे में पूरी हो जाती थी, अब पांच से सात दिन तक लग रहे हैं। इस देरी के कारण न केवल सप्लायरों के भुगतान अटक रहे हैं बल्कि ऑर्डर में देरी हो रही है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष गिर्राज अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों के लाखों रुपये बैंकों में फंसे हुए हैं, परंतु बैंकों से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं। उन्होंने रिजर्व बैंक से हस्तक्षेप की मांग की है।
तीन जनवरी से तीन घंटे में क्लियर होंगे चेक
भारतीय रिजर्व बैंक ने ग्राहकों को व्हाट्सएप सहित एसएमएस के जरिये संदेश भेजे हैं कि 3 जनवरी 2026 से तीन घंटे के अंदर चेक क्लियर होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। केनरा बैंक अधिकारी सागर गुजराती के मुताबिक साॅफ्टवेयर अपडेट होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। एक सप्ताह के अंदर ही समाधान हो जाएगा।