बीआरसी बेवर में विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कमल सिंह महिला शिक्षकों को कानून की जानकारी देते ह
मैनपुरी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कमल सिंह ने बीआरसी बेवर में कैंप लगाकर महिला अध्यापकों को पॉश एक्ट के बारे में जानकारी दी।
कमल सिंह ने बताया कि पॉश एक्ट यानी कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013, महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल बनाने के लिए बनाया गया है। यह अधिनियम पूरे भारत में लागू है। इस अधिनियम के तहत नियोक्ताओं के लिए दायित्व तय किए गए हैं। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) बनाने का प्रावधान है। शिकायत दर्ज कराने के लिए ऑफिस में बनी इंटरनल कमेटी या पुलिस स्टेशन का विकल्प है।
इस अधिनियम के तहत महिला कर्मी से कार्यस्थल पर अवांछित शारीरिक संपर्क या प्रलोभन, यौन अनुग्रह की मांग करना, अनुचित यौन टिप्पणी करना, अश्लील साहित्य दिखाना, यौन प्रकृति का कोई अन्य अवांछित व्यवहार आता है।
इस अधिनियम के तहत ऑफिस में बनी इंटरनल कमेटी या पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ऑफिस की कमेटी मामले को गंभीर मानने पर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराती है। इंटरनल कमेटी को 10 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट कंपनी को देनी होती है। दोषी पाए जाने पर कंपनी आरोपी को सजा देती है। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बीएसए दीपिका गुप्ता, बीडीओ कपूर सिंह परिहार, कार्यालय प्रभारी संदीप सिंह मौजूद रहे।