आगरा कमिश्नरेट में महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। ये प्रकोष्ठ महिला अपराधों की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही रिपोर्ट भी निर्धारित प्रारूप में प्रदान करेगी।
आगरा कमिश्नरेट में पहली बार महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ (वुमेन सेफ्टी सेल) गठित किया गया है। सेल में 1 महिला इंस्पेक्टर और 3 सिपाही रहेंगी। सेल महिला संबंधी अपराध में घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। पीड़िता से जानकारी लेगी। आरोपी के बारे में जानकारी जुटाएगी। घटना के कारणों की जांच करेगी। इसके बाद निर्धारित प्रारूप पर अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को देगी। इसके अलावा आत्महत्या के मामलों में छानबीन कर विस्तृत जानकारी भी जुटाएगी।
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एसीपी डाॅ. सुकन्या शर्मा ने बताया कि पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गाैड के निर्देश पर पहली बार सेल का गठन किया गया है। कंट्रोल रूम और डायल 112 पर महिलाओं से संबंधित हर सूचना की जानकारी वुमेन सेफ्टी सेल को भेजी जाएगी। चाहे वो छेड़छाड़ हो, रेप हो या हत्या की जानकारी हो।
सेल घटनाओं के कारणों की बारीकी से जांच कर रिपोर्ट तैयार करने का काम करेगी। हर घटना का विश्लेषण किया जाएगा। अपराध करने वाले की मानसिकता को समझा जाएगा। अपराध पर रोक लगाने के साथ ही सजा दिलवाने में पुलिस प्रभावी कार्रवाई कर सकेगी। इस तरह के अपराध को रोकने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
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आत्महत्या के आंकड़े भी जुटाएंगे
एसीपी ने बताया कि जिले में रोजाना आत्महत्या के मामले भी सामने आ रहे हैं। इस वर्ष 8 महीने में 150 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें दहेज हत्या के मामले अधिक हैं। गृहक्लेश और प्रताड़ना से परेशान होकर भी घटनाएं हो रही हैं। इस तरह की घटनाओं की जानकारी पर सेल काम करेगी। इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसमें पता किया जाएगा कि आत्महत्या का कारण क्या रहा। मुकदमा लिखाया गया या नहीं। टीम का काम सिर्फ रिपोर्ट बनाना नहीं होगा। लोगों को जागरूक करना भी होगा।