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Mathura: बांकेबिहारी मंदिर में उमड़ी भीड़, बेहोश हुई महिला श्रद्धालु

Sun, 11 Sep 2022 02:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

फरीदाबाद से आए श्रद्धालुओं के दल में शामिल बल्लभगढ़ के आदर्श नगर कॉलोनी निवासी 33 वर्षीय महिला श्रद्धालु बेहोश हो गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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बांके बिहारी मंदिर पर उमड़ी भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में रविवार को उमड़ी भक्तों की भीड़ में दम घुटने से 33 वर्षीय महिला श्रद्धालु बेहोश हो गई। महिला की हालत खराब होते देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल ही उसे उपचार के लिए रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में भर्ती करवाया। 
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ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरान हुए हादसे के बाद भी कोई सबक नहीं लिया जा सका है। मंदिर में बेतहाशा भीड़ उमड़ रही है। गलियों और मंदिर के गेट पर भीड़ का भारी दबाव बन रहा है लेकिन इसके बाद भी भीड़ को नियंत्रित करने के कोई खास इंतजाम नहीं किए गए हैं। शनिवार को पूर्णिमा के अवसर पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी, तो वहीं रविवार सुबह भी मंदिर में भारी भीड़ रही।

 
गेट खुलने से पहले ही लग गई थी भीड़ 

रविवार की सुबह 7:45 पर दर्शन खुलने से पूर्व ही मंदिर के अंदर और बाहर हजारों भक्तों की भीड़ अपने आराध्य के दर्शन करने की अभिलाषा के साथ पहुंच गई। मंदिर में उमड़ी भीड़ के दबाव को देखकर एक बार तो सुरक्षा में लगे गार्ड और पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। मंदिर के निजी सुरक्षा गार्ड, कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों ने भीड़ को संभालने के साथ उन्हें एक स्थान पर जमा न होने दिया।  

फरीदाबाद से आए दल के साथ थी महिला श्रद्धालु 

इस दौरान फरीदाबाद से आए श्रद्धालुओं के दल में शामिल बल्लभगढ़ के आदर्श नगर कॉलोनी निवासी 33 वर्षीय महिला श्रद्धालु ममता भीड़ और उमस के कारण दम घुटने से बेहोश हो गई। महिला श्रद्धालु के बेहोश होते ही मंदिर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिसकर्मियों ने उसे  रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में उपचार के लिए भर्ती करवाया। 

खचाखच भरा हुआ था मंदिर परिसर

मंदिर के अंदर परिसर में भी भीड़ का भारी दबाव रहा। मंदिर भक्तों से खचाखच भरा हुआ था। उमस के कारण मंदिर परिसर में सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था। इधर आस्था में डूबे भक्त अपने आराध्य के दर्शन पाकर सभी दुख और दर्द को भूल गए एवं ठाकुरजी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ गए।
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