मथुरा के थाना राया में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब न्याय न मिलने से परेशान महिला खुद को आग लगाकर चीखती-चिल्लाती समाधान दिवस में पहुंच गई। आग की लपटों से घिरी महिला को देख अधिकारियों के होश उड़ गए। पुलिसकर्मियों ने आग बुझाकर सरकारी जीप से उसे जिला अस्पताल भेजा, जहां से आगरा रेफर कर दिया है। एसएसपी थाना राया पहुंच गए। पीड़ित पक्ष को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
समाधान दिवस में तहसीलदार अजित सिंह, प्रभारी निरीक्षक प्रवीण मिश्रा पीड़ितों की फरियाद सुन रहे थे, तभी दोपहर एक बजे आग की लपटों से घिरी एक महिला चीखती हुई पहुंची। बताते हैं कि वर्ष 2017 में महिला ने थाना राया में गांव के हरी चंद्र के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था। अब आरोपी उस पर समझौता का दबाव बना रहे हैं। आए दिन गाली-गलौज कर जान से मारने धमकी देते हैं।
बच्चों को जाने से मारने की धमकी देते हैं आरोपी
पीड़िता के पति ने बताया कि गांव के आरोपी उसके तीनों बच्चों को उठाकर ले जाने तथा जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस संबंध में हल्का इंचार्ज को भी बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार हल्का इंचार्ज पीड़िता के घर पहुंचे। कहा कि तुम्हारे विपक्षी ने शिकायत की है कल समाधान दिवस में आ जाना। आरोपी पक्ष के साथ पुलिस को मिला देख पति-पत्नी घबरा गए। दोनों साथ-साथ थाने तक पहुंचे।
पति रेलवे स्टेशन के निकट कुछ सामान लेने चला गया। उसके बाद पत्नी ने गेट के निकट खड़े ट्रक के पीछे अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल कर आग लगा कर थाने में घुस गई। प्रभारी निरीक्षक प्रवीण मिश्रा व एसआई राजकुमार ने आग बुझाकर महिला को उपचार के लिए ले गए। महिला 75 प्रतिशत झुलस चुकी है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, एसपी श्रीशचंद, सीओ रविकांत पाराशर थाना राया पहुंच गए। महिला के पति से घटना की जानकारी ली। पीड़ित ने बताया कि हरीचंद, राजू, चरन सिंह, भारत रिंकू और सोनू परेशान कर रहे हैं। उन्होंने पीड़ित को न्याय का आश्वासन दिया है। एसएसपी ने एसपी देहात को जांच सौंपी है।
गांव में दो दिन पूर्व हुई थी पंचायत
इस मामले में दो दिन पूर्व गांव में पंचायत हुई थी। उसमें कोई समाधान नहीं हो सका था। पीड़ित ने पंचों के सामने भी न्याय की गुहार लगाई थी। पंचों ने उल्टा पुलिस से शिकायत कर फंसाने के प्रयास शुरू कर दिए। पुलिस पंचों की तलाश कर रही है। वे भूमिगत हो गए हैं।