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महिला दिवसः असहाय-निराश्रितों और लावारिस शवों का अंतिम संस्कार बनाया जीवन का लक्ष्य

Sun, 08 Mar 2020 02:55 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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अंतिम संस्कार करतीं डॉ. लक्ष्मी गौतम - फोटो : अमर उजाला
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जहां महिलाएं श्मशान में जाने से परहेज करती हैं। वहीं एक महिला ने लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने का लक्ष्य अपनी जिंदगी में बनाया है। ये महिला हैं डॉ. लक्ष्मी गौतम।
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डॉ. गौतम कनक धारा संस्था से जुड़ी हैं और वे वृंदावन में मिलने वाले लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराती हैं। डॉ. गौतम वृंदावन में अब तक दर्जनों लाशों को मुखाग्नि दे चुकी हैं।

डॉ. लक्ष्मी गौतम ने बताया कि उनकी संस्था वर्षों से माताओं के शवों का ससम्मान अंतिम संस्कार करती आ रही है। वे पुरुष शव का अन्तिम संस्कार भी करती हैं।

किसी भी ऐसे शव की सूचना पाकर वो पुलिस को सूचित करती हैं और शव को उठाकर घाट तक स्वयं ले जाती हैं और शव को चंदन-वस्त्र-रामनामी-गंगाजल से पवित्र कर मुखग्नि देती हैं।
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हाल ही में पुलिस की सूचना पर रंग मन्दिर के सामने और जगन्नाथ घाट से दो साधुओं के मृत होने की सूचना पाकर उनदोनों का अंतिम संस्कार भी डॉ. लक्ष्मी गौतम द्वारा किया गया था। उनका सहयोग अमित गौतम, ओमप्रकाश ने किया था। महिला दिवस पर डॉ. लक्ष्मी गौतम नारी शक्ति के लिए एक मिसाल हैं।
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