पीड़िता पूनम तिवारी ने पुलिस को बताया कि सितंबर माह में उन्हें फेसबुक पर एक लिंक दिखा। उसमें निवेश कर कई गुना लाभ कमाने की बातें लिखी थीं। लिंक पर क्लिक किया तो दूसरी ओर से वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप में कुछ लोग निवेश के लिए सलाह दे रहे थे। उन्होंने एसबीआई सिक्योरिटीज और एसडीएएमसी एप ऑफ स्टैंडर्ड चार्टेड इंडिया लिमिटेड नाम के एप लिंक देकर डाउनलोड कराए। उनको बाजार विशेषज्ञ समझ कर वह 24 सितंबर से निवेश करने लगी। पहले छोटे निवेश में लाभ हुआ और फिर उन्हें नए नए टास्क देकर रकम विभिन्न खातों में स्थानांतरित कराई जाती रही।
27 नवंबर तक उनसे 5,95,27,500 रुपये जमा करवा लिए गए। उन्होंने रकम निकालना चाहा तो आरोपी हर बात बहाना बना और रुपये जमा करवा लेते थे। अंत में रकम वापसी के लिए मैनेजमेंट फीस मांगी गई। जमा करने भी एप पर दिख रही रकम नहीं निकली तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की। एडीसीपी आदित्य कुमार ने बताया कि शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। खातों की जानकारी कर रकम होल्ड कराई गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।