किराये पर रहते थे मां-बेटे
मृतक के 25 वर्षीय पुत्र नीरज ने बताया कि मैं मजदूर हूं। मेरे पिता मिठ्ठान लाल की 10 साल पहले मृत्यु हो गई। माँ विधवा थी। दो महीने से धरने में शामिल थी। रात को धरना स्थल पर ही सोती थी। मैंने कई बार वहां सोने से मना किया, लेकिन वो नहीं मानती थी। नीरज ने बताया कि धरना स्थल के पास ही एक मकान में किराये का कमरा है। एक हजार रुपये महीना किराया है।
आश्रित को दिलाएंगे पारवारिक लाभ
मौके पर पहुंची ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लक्ष्मी एन ने बताया कि महिला रात में धरना स्थल पर सोई थी। ठंड की वजह से उनकी मृत्यु हो सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है। मृतक आश्रित को राष्ट्रीय पारवारिक योजना का लाभ दिलाएंगे।
मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता के लिए पत्र लिखा जाएगा। एसडीएम ने बताया कि लेखपाल से मृतक की जमीन आदि की जांच कराई जा रही है। इस संबंध में जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला अस्पताल में भर्ती कराई अम्मा
धरना स्थल पर टेंट लगा है। जहां 82 दिन से हर वक्त कोई न कोई रहता है। मृतक रानी के पास सो रही कीर्ति अम्मा की भी रविवार को तबियत बिगड़ गई।उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। 85 वर्षीय कीर्ति अम्मा भी आंदोलन में शामिल है। नाला निर्माण के लिए 5 दिसंबर को कीर्ति अम्मा और चौ. प्रेम सिंह ने भूसमाधि की कोशिश की थी। तहसीलदार ने समाधि के लिए खोदे गए गड्ढे से दोनों को निकाला था। तब 24 घंटे में नाला निर्माण कराने का आश्वासन दिया था।
नहीं है जलभराव, करा रहे हैं काम
सदर तहसील की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लक्ष्मी एन ने कहा कि सिरौली रोड पर आरसीसी सड़क निर्माण हो रहा है। जलभराव की समस्या अब नहीं है। कच्चा नाला भी खोदा जा चुका है। 2 करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर आठ जनवरी को खुलेंगे। इसके बाद विकास कार्य शुरू हो जाएंगे।