मैनपुरी। 21वीं सदी की महिलाओं ने साबित कर दिया है कि अगर इरादों में जान है तो हर राह आसान है। आज की महिलाएं मुश्किल से मुश्किल काम कर रहीं हैं। आधी आबादी पुरुषों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। यह बातें शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या में अपराजिता अभियान के तहत आयोजित संवाद कार्यक्रम में नारी शक्ति ने व्यक्त किए।
देवी रोड स्थित कैलाश आश्रम में शनिवार को संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान स्थानीय महिलाओं के साथ ही मदर निर्मला फाउंडेशन प्रशिक्षण केंद्र से जुड़ीं महिलाओं ने बेबाकी से अपनी राय रखी। कंचन देवी ने कहा कि अब महिलाएं अबला नहीं रहीं। रेनू देवी ने कहा कि महिलाएं पढ़-लिखकर शासन की योजनाओं का लाभ लेते हुए हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। जिले की बेटियां बेटों को पीछे छोड़ टॉप टेन की सूची में स्थान बना रही हैं। आगे आकर रोजगार के संसाधन खड़ा कर रही हैं। सिलाई-कढ़ाई से लेकर अन्य प्रशिक्षण केंद्रों का भी जिले में संचालन किया जा रहा है। यहां मौजूद महिलाओं का कहना था कि कड़ी मेहनत के साथ अपना लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें तो निश्चित ही उन्हें सफलता मिलेगी। कार्यक्रम में कल्पना देवी, ज्ञान देवी, शीतल देवी, कंचन देवी, रेनू देवी, रानी देवी, सुंदरी आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
बेटियों को दिलाएं बेहतर शिक्षा
महिलाओं ने कहा कि अगर हमें जीवन में तरक्की करनी है तो शिक्षा पर ध्यान देना होगा। हम सभी को चाहिए कि अपनी बेटियों को भी उच्च शिक्षा दिलाएं। क्योंकि बिना शिक्षा के तरक्की संभव नहीं है। महिलाएं जब शिक्षित होंगी, तभी वह सफलता के पथ पर अग्रसर हो सकती हैं।
लक्ष्य निर्धारित करें
महिलाओं को अब पीछे रहने की जरूरत नहीं है। लक्ष्य का निर्धारण कर कार्य करें, सफलता निश्चित ही उनके हाथ में होगी। - रजनी अग्निहोत्री, प्रशिक्षिका।
कार्य की महत्ता समझें
महिलाओं को अब पुरुषों के पीछे रहने की जरूरत नहीं है। वे जीवन में अपने कार्य की महत्ता को समझें और उसी के अनुसार कार्य करें। - श्वेता सक्सेना, गृहिणी।
अधिकारों को जानें
महिलाओं को अब किसी से डरने की जरूरत नहीं है। संविधान में उनके जो अधिकार हैं उन्हें समझें और अपने अधिकारों को पाने के लिए कार्य करें। - बबिता देवी, गृहिणी।
पुलिस की मदद लें
महिलाएं स्वरोजगार के लिए आगे आएं। शासन की योजनाओं का लाभ लेते हुए कार्य करें। यदि किसी प्रकार की सुरक्षा को लेकर चिंता है तो पुलिस की मदद लें। - गीता देवी, शिक्षिका।
रोजगार के लिए कार्य
महिलाओं के लिए रोजगार की कमी नहीं हैं। उन्हें अपनी झिझक को त्यागकर आगे बढना होगा। महिलाएं वे झिझक होकर रोजगार करें। - सुधा देवी, व्यवसायी।
मेहनत में नहीं कोई चोरी
यदि महिलाएं कार्य नहीं करेंगी तो दूसरों पर निर्भर रहना पड़ेगा। मेहनत कर कमाई करने में किसी प्रकार की चोरी नहीं होती। इसलिए मेहनत के कार्य के लिए आगे आएं। - शबनम, गृहिणी।
अबला नहीं सबला बनें
अब वह समय नहीं है कि महिलाएं अबला बनकर उत्पीड़न सहें। अब उन्हें सबला बनकर अपने अधिकारों के लिए आगे बढ़ना होगा। - सोनी कश्यप, प्रशिक्षिका।
औरत हूं लेकिन कमजोर नहीं
पुराने समय की कहावत है कि कमजोरी तेरा नाम औरत है। मैं औरत हूं, लेकिन कमजोर नहीं। मेरे अंदर काम करने की क्षमता है। - अंजू देवी, शिक्षिका।
अपने पैरों पर खड़े हों
एक समय था जब महिलाएं पूरी तरह से पुरुषों पर निर्भर थीं। इसलिए उन्हें शोषण सहना पड़ता था। अब पुरुषों पर निर्भर रहने का समय नहीं है। - अर्चना देवी, व्यवसायी।