एसएसपी ऑफिस में आत्मदाह करने पहुंची दुष्कर्म पीड़िता को समझाते पुलिसकर्मी
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एसएसपी कार्यालय पर सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता सोमवार को पेट्रोल लेकर आत्मदाह करने पहुंच गई। महिला के हाथ में पेट्रोल की कट्टी देखकर पुलिस ऑफिस पर अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए।
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महिला को समझाने के लिए क्षेत्राधिकारी जलेसर गुरमीत सिंह महिला कांस्टेबल के साथ बाहर आए। इसके बाद अन्य कई अधिकारी भी आ गए। किसी तरह से महिला को समझा कर शांत करने में लगे रहे। पुलिस ऑफिस पर आधे घंटे तक हाईप्रोफाइल ड्रामा चलता रहा।
थाना अवागढ़ क्षेत्र की एक महिला ने दरोगा योगेश तिवारी और प्रेमकिशोर गौतम पर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। इस मामले में योगेश तिवारी जेल में हैं जबकि प्रेमकिशोर गौतम अभी भी बाहर हैं।
महिला का आरोप है कि बाहर खुले घूम रहे दरोगा प्रेमकिशोर गौतम की ओर से फैसला करने का दवाब बनाया जा रहा है। दरोगा की ओर से गांव के ही कुछ लोगों से धमकियां दिलवाई जा रही हैं। इससे परेशान पीड़िता सोमवार को एसएसपी कार्यालय पर प्लास्टिक की कट्टी में पेट्रोल लेकर आत्मदाह करने पहुंच गई।
महिला के हाथ में पेट्रोल से भरी कट्टी देखकर पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में महिला कांस्टेबल के साथ सीओ स्तर के अधिकारी बाहर आए और दुष्कर्म पीड़िता को समझाने के प्रयास किए जाने लगे।
पीड़िता की मांग थी कि खुलेआम घूम रहे दरोगा प्रेमकिशोर गौतम को जेल भेजा जाए और पीड़िता की सुरक्षा की जाए। अधिकारियों ने दरोगा के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और पेट्रोल से भरी कट्टी को फेंका। आधा घंटे तक पुलिस कार्यालय पर हाईप्रोफाइल ड्रामा चलता रहा। महिला के जाने के बाद पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली।
अवागढ़ में तैनात दरोगाओं पर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगाने वाली महिला ने कार्यालय पर आकर आत्महत्या करने की कोशिश की गई। इस मामले के आरोपी एक दरोगा को पहले ही निलंबित कर जेल भेजा जा चुका है। दूसरे दरोगा को भी आज निलंबित कर दिया है। महिला को न्याय दिलाया जाएगा। -संजय कुमार, एएसपी