16 साल के अनुभवी पायलट हैं मनीष मिश्रा
बदायूं निवासी विंग कमांडर मनीष मिश्रा को विमान उड़ाने का 16 साल का अनुभव है। वह 20 दिसंबर, 2008 को भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग अफसर बने थे। जाम नगर एयरबेस पर उनकी पहली तैनाती थी। तीन साल पहले ही वह विंग कमांडर बने थे। वह लंबे समय से 28 वीं स्क्वाड्रन में मिग-29 विमान उड़ा रहे थे। ठीक एक साल पहले ही विंग कमांडर मनीष मिश्रा ने 8 अक्तूबर, 2023 को प्रयागराज के संगम क्षेत्र में हुए एयर शो में सूर्य किरण विमान से उड़ान भरी थी। मिग-29 हादसे के बाद वह अब अपने परिवार से भी मिल रहे हैं। उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया जा चुका है।
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संसद की रक्षा समिति की बैठक में उठेगा मामला
राजस्थान के बाड़मेर के बाद आगरा में मिग-29 विमान के गिरने का मामला संसद की रक्षा समिति की बैठक में रखा जाएगा। लड़ाकू विमानों के लगातार गिरने, इनके रखरखाव और हादसों पर लगाम लगाने के मुद्दे पर संसद की रक्षा समिति नई दिल्ली में दो दिन 21 और 22 नवंबर को मंथन करेगी। कागारौल के बघा सोनिगा गांव में गिरे मिग-29 विमान के मामले को देखते हुए राज्यसभा सांसद नवीन जैन समिति के साथ चर्चा करेंगे।
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बेहद गंभीर विषय
राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने बताया कि लड़ाकू विमान के गिरने का मामला बेहद गंभीर है। रक्षा समिति की बैठक में इन पर पूरी रिपोर्ट मांगी जाएगी कि आखिर मिग-29 जैसे विमानों के गिरने की वजह क्या है। अब तक कितने विमान गिर चुके हैं और तकनीकी खराबी के कारण इनमें से कितने विमान गिरे। विमानों के पुराने हो जाने समेत अन्य मुद्दों पर 21 और 22 नवंबर को हो रही रक्षा समिति की बैठक में मंथन किया जाएगा। वह मिग हादसे का मामला उठाएंगे।
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