- सड़क और खेतों में घूम रहे निराश्रित गोवंश से हो रही दुर्घटनाएं और फसलों में नुकसान
- बजट में सरकार ने किया 100 करोड़ रुपये का प्रावधान, पशु चिकित्सा के लिए भी फंड
संवाद न्यूज एजेंसी
बाह। सड़क से खेतों तक घूम रहे मवेशियों से छुटकारा मिलेगा। नई गोशालाएं बनेंगी। क्षमता वृद्धि से लेकर पशु चिकित्सा बेहतर होगी। बुधवार को आए बजट में सरकार ने गौ संरक्षण केंद्रों पर रखरखाव लिए 2000 करोड़ और गोशाला निर्माण के लिए स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। पशु चिकित्सा के लिए भी 155 करोड़ रुपये का फंड रखा है।
बाह, फतेहाबाद, खेरागढ़, फतेहपुर सीकरी से लेकर एत्मादपुर और शहर की प्रमुख सड़कों तक निराश्रित गोवंश घूमता मिल जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा मवेशी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान और ग्रामीणों को छुट्टा मवेशियों से छुटकारा मिलने की उम्मीद जागी है। बुधवार को नरहोली गांव में पानी की टंकी परिसर में बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए। यहां निराश्रित मवेशी बंद थे। जिन्हें गोशाला में पहुंचाने के लिए आए किसान भूपेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, रामनिवास, देवेंद्र सिंह, जगदीश, सिरनाम सिंह और सत्यपाल सिंह प्रमुख ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहना है कि छुट्टा मवेशी ते छुटकारौ मिल जाइ तौ बजटु अच्छौ ऐ, खेतन में ते दिन रात हांक रए तौऊ गेहूं, आलू, लहा चरि लऔ, खेत खूंद दए। छुट्टा मवेशी काै ठौरु सरकार करि दे तो किसाननि कौ भलौ होइ।
किसान अजयपाल और छोटेलाल का कहना था कि निजी नलकूपों के लिए 20 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। सकरार ने प्रदेश में 2400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। पशु चिकित्सालय की हालत सुधरने की बात किसानों ने कहीं। इसके लिए 155 करोड़ रुपया प्रस्तावित है। ज्यादातर पशुपालक अपने पशुओं के इलाज के लिए झोलाछाप पर निर्भर हैं।