फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों की जेब पर पड़ेगा ये बोझ

Wed, 07 Mar 2018 05:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
टोल - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वालों को अब जेब ढीली करनी होगी। इनर रिंग रोड का उपयोग करने पर उन्हें टैक्स अदा करना होगा। 
विज्ञापन


इसके लिए आगरा विकास प्राधिकरण इनर रिंग रोड पर अस्थायी टोल बैरियर लगाएगा। इसकी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। इनर रिंग रोड के पहले चरण (10.9 किलोमीटर) पर आगरा विकास प्राधिकरण अक्तूबर माह से टोल वसूल रहा है। 

टोल टैक्स वसूली का ठेका महाराष्ट्र की एक कंपनी को दिया गया है, लेकिन यहां कंपनी को अपेक्षा के अनुरूप आय नहीं हो रही है। दरअसल जो वाहन फतेहाबाद रोड से दिल्ली की ओर या फिरोजाबाद की ओर जाते हैं। 
विज्ञापन

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे - फोटो : अमर उजाला
या दिल्ली या फिरोजाबाद की ओर से आते हैं, उनसे टैक्स मिल जाता है, लेकिन जो वाहन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से आते- जाते हैं, उनसे टैक्स नहीं मिल पाता है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जंक्शन पहले पड़ जाता है। 

इनर रिंग रोड का टोल प्लाजा वहां से करीब एक किलोमीटर दूर है। वहीं दूसरी ओर प्राधिकरण पर दोपहिया वाहनों को टोल फ्री करने का दबाव है। ग्रामीण कई बार टोल पर मारपीट और तोड़फोड़ कर चुके हैं। 

यदि प्राधिकरण दोपहिया वाहनों को टोल फ्री कर देता है तो कंपनी को जबरदस्त घाटा होगा। इन हालात में कंपनी पहले हाथ खड़े चुकी है। इस स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी/प्राधिकरण  उपाध्यक्ष गौरव दयाल ने इस समस्या का हल खोजा है। 
विज्ञापन

नामीनल टैक्स होगा

इसके मुताबिक राइट्स संस्था को सर्वे की जिम्मेदारी दी है। कंपनी यह सर्वे करेगी कि इनर रिंग रोड पर प्रतिदिन कितने दोपहिया वाहन गुजरते हैं। इनसे कितनी आय होती है। 

कितने वाहन इनर रिंग रोड पर फतेहाबाद एंड से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से आते और जाते हैं। यदि इनसे टोल मिलने लगे तो कितनी आय होगी। 

राइट्स संस्था की सर्वे रिपोर्ट आने के बाद इनर रिंग रोड के फतेहाबाद एंड पर अस्थायी टोल बनाया जा सकता है। अब सवाल यह उठता है कि कोई भी वाहन चालक एक या दो किलोमीटर दूरी पर टैक्स क्यों देगा। 

इसके जवाब में विकास प्राधिकरण के ओएसडी योगेंद्र कुमार का कहना है कि अस्थायी टोल प्लाजा से वसूला जाने वाला टैक्स नामीनल होगा। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें