अंजुलता ने बताया कि पति के आखिरी बार दर्शन के लिए प्रयासरत हैं। मगर, कहीं से कोई मदद मिलती नजर नहीं आ रही। वह क्या करें समझ नहीं आ रहा। पूरे दिन इस उम्मीद में ईमेल करती हैं कि कोई मदद कर देगा। पति के शरीर को वापस ले आएंगे।
उन्होंने केंद्र सरकार से विनती करते हुए कहा कि वह और उनका परिवार बहुत कठिन समय से गुजर रहा है। उन पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सास को संभालना बहुत मुश्किल है। 13 दिन होने पर भी कहीं से कोई ठोस जवाब नहीं मिल पा रहा है। सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके पति के पार्थिव शरीर को आगरा भिजवाने का प्रबंध करे।
क्या कर रहा दूतावास?
अंजुलता पति की कंपनी के अधिकारियों के भी संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी पार्थिव देह को शीघ्र लाने के प्रयासों में लगी है, लेकिन चीन स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारी ढिलाई बरत रहे हैं। उनका कहना है कि वापसी की पूरी प्रक्रिया में 25 से 30 दिन लग सकते हैं। केंद्र सरकार हस्तक्षेप करे तो कुछ ही दिन में पार्थिव शरीर वापस लाया जा सकता है।
नम्रता उपाध्याय कर रहीं मदद
अंजुलता ने बताया कि मंगलवर को चीन में रह रही भारतीय नम्रता उपाध्याय ने संपर्क किया। बताया कि वह दूतावास के अधिकारियों के संपर्क में हैं। उन्होंने दुःख व्यक्त किया कि एक आमजन को सरकार से मदद नहीं मिल पा रही है, यदि कोई नेता होता तो परवाह की जाती। नम्रता संबंधित विभागों से बात कर चुकी हैं, लेकिन कोई सही जवाब नहीं दे रहा है।