उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की फटकार के बाद जिला प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर ही पुलवामा शहीद की वीर नारी ममता रावत की सभी मांगों को मान लिया। शुक्रवार रात को डीएम शहीद के परिजनों से मिले और उनकी पूरी बात को सुना। शनिवार की शाम पांच बजे एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने वीर नारी को 67.50 लाख रुपये का चेक सौंपा। इसके बाद तीसरे दिन वीर नारी व उनके परिजनों का धरना समाप्त हो गया।
कहरई स्थित पैतृक गांव में शहीद के स्मारक पर बृहस्पतिवार को पुलवामा कांड में शहीद हुए कौशल रावत की पत्नी ममता रावत, उनकी बेटी अपूर्वा रावत और बेटे ने धरना शुरू किया था। उनकी मांग थी कि शिक्षा विभाग से एकत्र की गई धनराशि को दिलाया जाए। शहीद के नाम पर द्वार, सड़क बनवाई जाए। मूर्ति का अनावरण किया जाए।
दो साल से इन मांगों को लेकर चक्कर काटने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही थी। शुक्रवार को वीर नारी के धरने की जानकारी डिप्टी सीएम तक पहुंची थी। इसके बाद डिप्टी सीएम ने शहीद के परिवारीजनों से मिलने को कार भी भिजवाई थी, लेकिन वीर नारी ने आने से इनकार कर दिया था।
इस पर डिप्टी सीएम ने जिला प्रशासनिक अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की थी। डिप्टी सीएम के जाने के बाद जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह शुक्रवार की रात को ही शहीद के गांव पहुंचे। वह तीन घंटे तक रुके। इस दौरान शहीद के परिजनों की पूरी बात सुनी। सभी मांगों को मान लिया। शहीद की पुत्री अपूर्वा रावत ने बताया कि शनिवार की शाम पांच बजे एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने शिक्षा विभाग की ओर से एकत्र धनराशि का चेक दिया है।