आगरा में शादी के एक साल बाद भी सिपाही पत्नी को अपने साथ नहीं रख रहा था। पत्नी ने कई बार जिद की, लेकिन बात नहीं बनी तो वह पुलिस के पास पहुंच गई। मामला परिवार परामर्श केंद्र भेजा गया। यहां सिपाही को पत्नी के 30 दिन का बंटवारा करना पड़ा, तब उनमें सुलह हुई।
परिवार परामर्श केंद्र में रविवार को पति-पत्नी के इस मामले की सुनवाई हुई। पत्नी ने काउंसलर को बताया कि उसकी शादी एक वर्ष पहले हुई है। पति यूपी पुलिस में सिपाही हैं। उसे अपने साथ नहीं रखते हैं। शादी के बाद से वह सास-ससुर के साथ रह रही है। पति से कई बार अपने साथ रखने की कहा, लेकिन वह मना कर देते हैं। पति जहां पर तैनात रहेंगे, वहीं वह भी रहेगी।
20 दिन पति के साथ रहेगी पत्नी
सिपाही का काउंसलर से कहना था कि विभाग में एक थाने से दूसरे थाने स्थानांतरण होता रहता है। पत्नी को परेशानी न हो इसलिए अपने माता-पिता के पास रखा है। सुलह न होती देख काउंसलर ने दोनों को समझाया। दंपती में इस बात पर सुलह हुई कि पत्नी महीने में 20 दिन पति के साथ रहेगी और दस दिन वह ससुराल में रहेगी।
परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी कमर सुल्ताना ने बताया कि रविवार को केंद्र पर कुल 50 फाइलें काउंसिलिंग के लिए लगाई गईं। इनमें 30 जोड़ों काउंसिलिंग में पहुंचे। 10 जोड़ों में सुलह हो गई है। वहीं पांच के खिलाफ मुकदमा के आदेश दिए गए हैं।