बीमार पति को ठेले पर अस्पताल लेकर आई महिला
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गरीबी और सिस्टम ने एक महिला को इतना लाचार बना दिया कि उसे अपने बीमार पति को ठेले पर लादकर अस्पताल लाना पड़ा। आगरा में सामने आई इस तस्वीर ने एक बार फिर स्वास्थ्य महकमे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यमुनापार केके नगर नरायच निवासी रेखा अपने पति को इलाज के लिए ठेले पर लादकर करीब 15 किमी की दूरी तय कर एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां भी उसे एक्सरे के लिए दो घंटे इंतजार करना पड़ा। स्ट्रेचर और वार्ड ब्वाय तक नहीं मिला। बाद में अन्य तीमारदारों की मदद से एक्सरे कराया।
रेखा का पति जगदीश (35) छोले-भटूरे की धकेल लगाता है। तीन महीने पहले पति छत से गिरकर बुरी तरह से घायल हो गया था। हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और कूल्हे में भी चोट आई। एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया, यहां डाक्टरों ने ऑपरेशन कर दिया।
एंबुलेंस वाले ने मांगे रुपए
ऑपरेशन के बाद अभी जगदीश चल-फिर नहीं सकता। ऐसी हालत में जगदीश चारपाई पर ही लेटा रहता है। जिससे उसकी पीठ के निचले हिस्से में फोड़े पड़ गए। दो दिन से बुखार भी आ रहा था।
दर्द और बुखार से पति को तड़पता देख रेखा ने अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस वाले से बात की। उसने 600 रुपये मांगे जबकि ऑटो वाले ने 250 रुपये मांगे। रुपयों का इंतजाम न होने पर उसने मजबूरी में पति को ठेले पर लिटाया और घर से करीब 15 किलोमीटर दूर एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची।
यहां ओपीडी में दिखाने के बाद डॉक्टरों ने एक्सरे के लिए लिख दिया। रेडियो डाइग्नोसिस सेंटर पहुंची तो यहां अंदर ले जाने के लिए वार्ड ब्वाय नहीं था, स्ट्रेचर भी नहीं मिल पाया।
तीमारदारों ने कराया एक्सरे
यहां दो घंटे तक रेखा पति को लेकर बाहर बैठी रही। अन्य तीमारदारों की मदद से एक्सरे कराया। एक्सरे होने के बाद रेखा पति को लेकर फिर ओपीडी पहुंची और डॉक्टर ने दवाएं लिख दी।
इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि एक्सरे के लिए भीड़ रहती है, इंतजार कराना पड़ा होगा, लेकिन स्ट्रेचर और वार्ड ब्वाय नहीं मिले, इसकी जांच कराई जाएगी।