मैनपुरी। क्षेत्र के गांव टिंडौली में पंडित राजेंद्र नाथ पांडेय के आवास पर श्रीराम कथा का आयोजन हो रहा है। सोमवार को आठवें दिन कथा व्यास आचार्य कृष्णा पांडेय ने रामेश्वर प्रतिष्ठा, लंका विजय आदि की कथा सुनाई। आचार्य ने कहा कि दुष्ट लोग बिना भय के प्रीति नहीं मानते हैं।
आचार्य ने कहा कि लंका पर आक्रमण करने के लिए श्रीराम ने समुद्र की तीन दिन तक रास्ते के लिए प्रार्थना की। समुद्र ने रास्ता नहीं दिया। तब श्रीराम नाराज होकर लक्ष्मण से बोले, जो दुष्ट व्यक्ति होते वे बिना भय के प्रीति नहीं मानते हैं। श्रीराम ने समुद्र को सुखाने के लिए धनुष पर बाण चढ़ाया वैसे ही समुद्र हाथ जोड़कर उनके सामने आ गया। बोला, प्रभु मुझे सुखाने से मेरे अंदर निवास करने वाली कई प्रजातियों का विनाश हो जाएगा। इसलिए आप अपनी सेना के सैनिक नील और नल की मदद से यहां पुल का निर्माण करा लें। समुद्र की विनती मानने के बाद श्रीराम ने समुद्र पर सेतु का निर्माण कराया। इस अवसर पर राजेंद्र नाथ पांडेय, सरोज पांडेय, अजय कुमार पांडेय, अतुल कुमार पांडेय, पियूष पांडेय, प्रदीप चौहान, नरेंद्र सिंह, रचना पांडेय, अमित चौहान आदि लोग मौजूद रहे।