अयोध्या से आगरा आए जगद्गुरु परमहंस दास को ताजमहल में प्रवेश नहीं दिया गया। महंत ने खुलकर बताया कि वे भगवा कपड़े पहने थे और उनके हाथ में ब्रह्मदंड था। इसलिए सीआईएसएफ ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। वहीं इस मामले की जानकारी होने पर हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश है।
परमहंस दास के मुताबिक ताजमहल शिव मंदिर है और वह इसे देखने आए थे। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया। इस मामले में एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने बताया कि ताजमहल में प्रवेश के लिए नियम तय हैं। संत अपने साथ अंदर लोहे का दंड ले जाना चाहते थे, जिसके लिए उन्हें मना किया गया। उनके प्रवेश पर कोई मनाही नहीं थी। ब्रह्मदंड गेट पर रखने का आग्रह किया गया था, लेकिन वह तैयार नहीं हुए।
नियम के अनुसार ताजमहल के अंदर किसी भी प्रकार की धार्मिक और प्रमोशनल गतिविधि नहीं की जा सकती है। केवल शुक्रवार के दिन ही यहां स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ी जाती है। शाहजहां के उर्स के तीन दिनों के दौरान यहां इबादत का दौर चलता है।