महान स्पिनर शेन वॉर्न के बेटे जैक्सन वॉर्न ने अपने पिता की क्रिकेट में असाधारण उपलब्धियों के कारण होने वाली अपेक्षाओं के दबाव के चलते क्रिकेट को अपना करियर नहीं बनाया। आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स के आमंत्रण पर भारत आए जैक्सन वॉर्न ने आगरा में अमर उजाला से विशेष बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उन्हें अपना करियर चुनने की पूरी स्वतंत्रता दी थी।
राजस्थान रॉयल्स के साथ तीन दिन बिताने के बाद जैक्सन शुक्रवार को आगरा पहुंचे। उल्लेखनीय है कि शेन वॉर्न ने राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करते हुए आईपीएल का पहला संस्करण जीता था और उसके बाद भी वे विभिन्न भूमिकाओं में इस टीम से जुड़े रहे। जैक्सन ने बताया कि राजस्थान रॉयल्स के साथ रहने के दौरान राहुल द्रविड़ सहित कई खिलाड़ियों ने उनके पिता से जुड़े यादगार लम्हे साझा किए। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता भारत के लोगों की आत्मीयता और यहां के स्वादिष्ट व्यंजनों के बारे में अक्सर बातें किया करते थे।
जैक्सन वॉर्न अपने पिता के एक मित्र के पिता से मिलने आगरा आए हैं। आगरा निवासी ऋषभ भारद्वाज के शेन वार्न बहुत अच्छे मित्र थे। ऋषभ अब पिछले बीस सालों से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं जबकि उनके पिता शैलेंद्र भारद्वाज लॉयर्स कॉलोनी में निवास करते हैं। जैक्सन विशेष रूप से उनसे मिलने के लिए आगरा आए हैं। इससे पहले वह 15 वर्ष पूर्व बचपन में अपने पिता के साथ भारत आ चुके हैं।
तीन दशक पूर्व पिता के बाद अमर उजाला को साक्षात्कार देकर जैक्सन हुए उत्साहित
जैक्सन वॉर्न यह जानकर बेहद उत्साहित हुए कि तीन दशक पहले अमर उजाला ने उनके पिता शेन वॉर्न का भी साक्षात्कार लिया था। जैक्सन ने कहा कि इतने लंबे समय बाद उसी शहर और उसी अमर उजाला से बात करना उनके लिए बहुत सुखद अनुभव है। उन्होंने अमर उजाला को इसके लिए धन्यवाद भी दिया।