कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक लेते डीएम अंजनी कुमार सिंह। स्रोतः प्र
मैनपुरी। विद्यालयों के मासिक निरीक्षण में लापरवाही बरतना अधिकारियों को भारी पड़ गया है। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी को नोटिस थमाते हुए जवाब देने का आदेश दिया है। अगर, संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो इन सभी का वेतन रोका जाएगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति, मध्यान्ह भोजन, जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक ली। इसमें सभी बिंदुओं पर समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि जिला स्तरीय टास्क फोर्स, ब्लाक स्तरीय टास्क फोर्स समिति के सदस्य प्रतिमाह कम से कम 5-5 विद्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है।
समीक्षा में पाया गया कि ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत 19 बिंदुओं से संतृप्त जिले के 96.08 प्रतिशत विद्यालय हैं। वहीं, 192 विद्यालय दिव्यांग शौचालय से, 949 विद्यालय फर्नीचर एवं 210 विद्यालय बालक-बालिका यूरिनल से असंतृप्त हैं।
इस पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत निधि से एवं शहरी क्षेत्र में नगर निकाय निधि से बालक-बालिका यूरिनल, दिव्यांग शौचालयों का निर्माण प्राथमिकता पर कराया जाए।