आगरा में कथित 450 ग्राम नशीला पाउडर बरामदगी के मामले में अदालत ने पुलिस की प्रक्रिया संबंधी खामियों और बरामद पाउडर के रंग में विरोधाभास को गंभीर मानते हुए आरोपी को बरी कर दिया। गवाहों ने पाउडर सफेद बताया था, जबकि अदालत में पेश सामग्री काले रंग की निकली।
नशीला पाउडर बरामदगी के मामले में सुनवाई के दौरान गवाह बोले सफेद अदालत में काला पाउडर निकला। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट हर्षवर्धन ने थाना सदर बाजार क्षेत्र के प्रतापपुरा निवासी शनि कक्कड़ को पुलिस की लापरवाही के कारण बरी करने के आदेश दे दिए।
थाना सदर बाजार में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, दरोगा कृपाल सिंह ने आरोप लगाया था 23 अप्रैल, 2021 वह पुलिस टीम के साथ थाना क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। देवीराम चौराहे से पीडब्लूडी चौराहे की तरफ पहुंचे तो उन्हें देख एक युवक हाथ में सफेद थैला लिए प्रतापपुरा की तरफ भागने लगा। पीछा करके आरोपी शनि कक्कड़ को हिरासत में लिया। उसके कब्जे से 450 ग्राम नशीला पावडर हेरोइन बरामद किया।
अभियोजन पक्ष की तरफ से दरोगा कृपाल सिंह, पुलिस कर्मी वीरेंद्र सिंह, दरोगा तेजवीर सिंह और पुलिस कर्मी मोहित कुमार को गवाही के लिए अदालत में पेश किया गया। आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिए कि पुलिस ने न तो एनडीपीएस में वर्णित विधिक प्रावधानों का पालन किया, न आरोपी से बरामदगी का कोई स्वतंत्र गवाह अदालत में पेश किया। दरोगा और पुलिस कर्मी ने अपनी गवाही में आरोपी से बरामद पाउडर का रंग सफेद बताया था, जबकि अदालत में आरोपी से बरामद कथित माल को खोला गया तो उसका रंग काला निकला।