पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने उद्योगों के वर्गीकरण की नई कैटेगरी ‘व्हाइट’ में ताज ट्रिपेजियम जोन को रखा तो पूरे टीटीजेड के उद्यमी गुस्से से लाल हो गए। औद्योगिक संस्था नेशनल चेंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज ने गुरुवार को आकस्मिक बैठक कर आगरा को ग्रीन की जगह व्हाइट कैटेगरी में शामिल करने का विरोध किया। तय हुआ कि पर्यावरण मंत्रालय और सीपीसीबी चेयरमैन से मुलाकात कर टीटीजेड का पक्ष रखा जाए और सभी संस्थाओं की भागीदारी वाली कमेटी आगरा की आवाज उठाएगी।
जीवनी मंडी में चेंबर अध्यक्ष अशोक गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में रोष जताया गया। अगर आगरा के उद्यमियों से बातचीत के बिना व्हाइट कैटेगरी लागू कर दी गई तो आगरा उद्योग रहित हो जाएगा। आगरा पर पहले ही पर्यावरण की वजह से बंदिशों के कारण कई उद्योग नहीं लग सके। जिन ट्रेड को पर्यावरण बंदिशों के बाद विकसित किया गया, अब उन्हें भी व्हाइट कैटेगरी के कारण लगने नहीं दिया जाएगा। इससे तो शहर का विकास ही रुक जाएगा। आजीविका के लिए लोगों को पलायन करना होगा।
उद्यमियों ने आगरा को पुरानी ग्रीन कैटेगरी में ही रखने की मांग उठाई। ताकि इन्फ्र ास्ट्रक्चर, होटल, फुटवियर, कोल्ड स्टोरेज, पाइप मैन्यूफैक्चरिंग, जनरेटर-डीजल इंजन कारोबार चलता रह सके। बैठक में जिला उद्योग केंद्र उपायुक्त बीरेंद्र कुमार और पर्यावरण अभियंता उमेश शर्मा ने अधिसूचना के बाद आगरा के उद्योगों पर असर की जानकारी दी। बैठक में राजीव अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल, सोहन लाल जैन, प्रमोद अग्रवाल, अमर मित्तल, मनीष अग्रवाल, अतुल गुप्ता, नरेंद्र सिंह, हरि सुंदरानी, विष्णु भगवान अग्रवाल, केसी जैन, अरुण गुप्ता, शशि जैन, सुशील बंसल, श्रीकिशन गोयल, डा. बब्बू साहनी आदि मौजूद रहे।
सीपीसीबी चेयरमैन से मिलेंगे उद्यमी
उद्यमियों ने तय किया कि अगले सप्ताह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चेयरमैन से मिलकर आगरा की आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने राजनीतिक दलों से पूर्वाग्रह से हटकर एक साथ मिलकर आगरा के पक्ष में संसद से लेकर विधानसभा तक आवाज उठाने का आह्वान किया। उद्यमियों ने फैसला किया है कि अगर मंत्रालय स्तर पर उनकी मांग को अनसुना कर दिया जाता है तो वह वैधानिक परामर्श भी लेंगे, लेकिन इस कैटेगरी को मान्य नहीं करेंगे। आगरा में डीजल चालित वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध पर कार्यवाही की जाए न किस नए उद्योगों को लगाने पर।
आगरा में होटल भी बनेंगे और कोल्ड स्टोर भी। इंडस्ट्री के वर्गीकरण पर आगरा के हित की आवाज हर स्तर पर उठाई जाएगी। यहां के उद्योगों को कोई नुकसान नहीं होने देंगे।
रामशंकर कठेरिया, सांसद, आगरा
शहर की सभी संस्थाओं को एकजुट कर हर उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ एक कमेटी बना रहे हैं जो मंत्रालय में हमारी आवाज को उठाएगी। नई केटेगरी लागू करने से आगरा के औद्योगिक विकास में बुरा असर पड़ेगा।
अशोक गोयल, अध्यक्ष, नेशनल चेंबर
कोल्ड स्टोर देश के कृषि उत्पादों की बर्बादी बचा रहे हैं, जिसे प्रोत्साहित करने की जरूरत है लेकिन सरकार का यह फैसला तो इसे हतोत्साहित कर रहा है। कृषि उपज, आलू आदि का भंडारण कैसे होगा।
राजेश गोयल, महासचिव, फेडरेशन आफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन
आगरा को ग्रीन कैटेगरी से हटाने की जरूरत ही क्या है। नई कैटेगरी बनाइए, लेकिन आगरा में प्रदूषण रहित जो उद्योग चल रहे हैं, उन्हें तो लगाने की इजाजत मिलनी चाहिए।
अमर मित्तल, अध्यक्ष, आगरा आयरन फाउंड्रर्स एसोसिएशन
कैटेगरी ने ऐसे बढ़ाई उद्योगों की चिंता
पहले अब
रेड 85 60
ओरेंज 73 83
ग्रीन 86 63
व्हाइट - 36
कुल 244 242
कैटेगरी के लिए ऐसे तय होगा पाल्यूशन इंडेक्स
वायु प्रदूषण- पर्टिकुलेट मैटर, कार्बन मोनोक्साइड, नाइट्रोजन आक्साइड, सल्फर डाई आक्साइड, बेंजीन, अमोनिया आदि 40 अंक
जल प्रदूषण- पीएच, टोटल सस्पेंडेट सालिड, अमोनिकल नाइट्रोजन, बायोलोजिकल आक्सीजन डिमांड, फीनॉल आदि 40 अंक
हजार्डस वेस्ट- लैंड फिल, इंसिनरेबल, रीसाइक्लिेबल 20 अंक