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Etah: सितंबर तक नहीं मिलेगा मुफ्त गेहूं, चावल से चलाइए काम

Thu, 23 Jun 2022 03:30 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत आवंटित होने वाले गेहूं के कोटे को कम कर दिया है। इस वजह से गेहूं वितरित नहीं होगा। इसके बदले कार्ड धारकों को चावल का वितरण किया जाएगा। 
 
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गेहूं - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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एटा में सरकारी खरीद में गेहूं न आने का असर दिखने लगा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अब चार महीने तक गेहूं का वितरण नहीं किया जाएगा। चार महीने तक केवल चावल ही बांटा जाएगा। यही नहीं पहले चक्र में भी प्रति यूनिट एक किलो गेहूं की कटौती की जाएगी। इससे गरीब वर्ग के परिवारों के समक्ष दाल-रोटी चलाने का संकट खड़ा हो गया है।

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कोरोना काल से कार्डधारकों को दो चक्र में राशन बांटा जाता है। पहले चक्र में प्रदेश सरकार की ओर से और दूसरे चक्र में केंद्र सरकार की ओर से वितरण किया जाता है। दोनों ही चक्र में अब तक कार्डधारकों को प्रति यूनिट 3 किलो गेहूं और दो किलो चावल मिलता रहा था, लेकिन अब दूसरे चक्र की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में गेहूं का वितरण पूरी तरह बंद कर दिया गया है। 

मिल रहा  केवल चावल 

इस महीने से केवल चावल ही बांटा जा रहा है। हालांकि कुल राशन की मात्रा में कमी नहीं की गई है। प्रति यूनिट पांच किलो चावल दिया जाएगा। यह क्रम सितंबर तक चलेगा। वहीं पहले चक्र में भी गेहूं में कटौती करने को आदेश जारी किया गया है। जिसके तहत अब एक यूनिट पर 2 किलो गेहूं और 3 किलो चावल बांटा जाएगा। जबकि पहले तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल बांटा जाता रहा है। 

जिले में तीन लाख राशन कार्ड

जिले में 309046 राशन कार्ड धारक हैं। जिनमें 1315927 यूनिट दर्ज हैं। इन सभी को प्रतिमाह 131592 क्विंटल राशन जरूरत होता है। 

छह किलो से घटकर दो किलो हुआ गेहूं

राशन कार्ड धारकों को प्रति यूनिट दोनों चक्र मिलाकर कुल 6 किलो चावल मिलता था। जिससे गरीब परिवारों को महीने भर का गुजारा चल जाता था। लेकिन अब यह मात्रा घटकर कुल दो किलो रह गई। इतने कम गेहूं से महीने का खर्चा चलना नामुमकिन है। इस समय बाजार में आटा 22 रुपये किलो है। ऐसे में पांच सदस्य वाले परिवार को 440 रुपये प्रति माह आटा खरदीने में खर्च करने होंगे।

ये बोले गरीब 

श्यामनगर निवासी पप्पू सिंह ने बताया कि पहले से ही महंगाई बहुत है। ऐसे में गेहूं की कटौती भी कर दी गई है। अब बाजार से महंगा गेहूं खरीदना होगा। जिससे महीने का बजट बिगड़ेगा। वहीं सीताराम ने बताया कि सभी खाद्य पदार्थ महंगे हैं। सरकारी राशन से ही सहारा मिल रहा था। अब इसमें भी गेहूं न के बराबर हो गया है। चावल से गुजारा कैसे चल पाएगा? 

सितंबर तक केवल चावल

डीएसओ  राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत दूसरे चक्र में सितंबर तक केवल चावल ही बांटा जाएगा। जबकि पहले चक्र में गेहूं दो किलो गेहूं व तीन किलो चावल वितरण का आदेश मार्च 2023 तक के लिए आया है। इसी के अनुरूप कार्डधारकों को वितरण कराया जाएगा।

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