गेहूं और मक्का की खेती करने वाले कासगंज के किसान परेशान हैं। वजह है कि गेहूं की फसल का समय से पहले पक जाना और मक्की की फसल में सुड़ी का लगना। इस वजह से किसानों को पैदावार में नुकसान का डर सता रहा है।
कासगंज में समय से पहले चढ़ रहे पारे से गेहूं की फसल समय से पहले ही पक गई। वहीं, मक्का की फसल में सुंडी लगने लगी है। तंबाकू, लहसुन की फसल पर भी असर आ रहा है। इससे किसान चिंतित हैं।
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जिले में 1.08 हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। समय से पहले फसल तैयार हो जाने से पैदावार पर इसका असर पड़ा। मक्का का सीजन देखते हुए किसान ने इस फसल की बुवाई कर दी। अब इस फसल पर भी संकट मंडराने लगा है। इस फसल को भी मौसम का साथ नहीं मिल रहा। फसल में रोग लगने लगे हैं। फसल में सुंडी का हमला हो गया है। वह पौधे के तने को खा रही है, इससे पौधे खराब हो रहे हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र का कहना है कि तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल समय से पहले पक रही है। मक्का की फसल पर भी मौसम का असर है। फसल में सुंडी लगने की शिकायत किसान कर रहे हैं। मक्का सुंडी से बचाव के लिए साइफर मैथ्रिन प्लस क्लोरोपाइरीफास की एक मिलीलीटर मात्रा को एक लीटर पानी में घोल बनाकर फसल पर छिड़कें।