आगरा में 2150 का रेट
ताजनगरी आगरा में बाह के साथ ही अछनेरा और किरावली की मंडी में बड़ी मात्रा में गेहूं की खरीद होती है। बाह की बात करें तो जरार के एफसीआई के खरीद केंद्र पर डेढ़ महीने में सिर्फ 10 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है, जबकि बाजार में आढ़ती 500 क्विंटल से भी ज्यादा की खरीद कर चुके हैं। किसान और व्यापारी इसकी वजह कीमतों में अंतर मानते हैं। गेहूं खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि मंडी में 2150 रुपये की दर से खरीद हो रही है।
किसान नहीं लेकर आ रहे गेहूं
जरार के गल्ला व्यापारी राम मोहन गुप्ता, सतीश गुप्ता, नीरज गुप्ता ने बताया कि उनके यहां पर करीब 150 से 200 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। जरार के एफसीआई के खरीद केंद्र के प्रभारी उमेश कुमार ने बताया कि खरीद के लिए बारदाना से लेकर धनराशि का इंतजाम है। सभी तैयारियां होने के बाद भी किसान गेहूं लेकर नहीं आ रहे है। अभी तक महज 10 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है।
किसानों ने रखी ये मांग
जरार की मंडी में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से गेहूं बेचने के लिए पहुंचे किसान रामसेवक, गिर्राज सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि ने बताया कि सरकार को गेहूं खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2500 रुपये प्रति क्विंटल करना चाहिए। तभी किसान खरीद केंद्र पर पहुंचेगे। किसानों को उपज का वाजिब दाम भी मिल सकेगा।
एटा में 2150 से 2200 प्रति क्विंटल का रेट
एटा में सरकारी गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू हो चुकी है। इसके लिए 2015 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किया गया है, जबकि मंडी में निजी आढ़तों पर 2150 से 2200 का रेट किसानों को मिल रहा है। ऐसे में किसानों का रुझान सरकारी केंद्रों की ओर होता नहीं दिख रहा है।
मथुरा में 2400 से 2600 प्रति क्विंटल का रेट
वहीं मथुरा में गेहूं का सर्वाधिक रेट मिल रहा है। यहां आढ़तों पर अच्छा गेहूं 2400 से 2600 प्रति क्विंटल बिक रहा है। यही वजह है कि यहां के किसान तो सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर पहुंच ही नहीं रहे हैं।
मैनपुरी, फिरोजाबाद और कासगंज में भी यही हाल
वहीं मैनपुरी, फिरोजाबाद और कासगंज में भी गेहूं के रेट 2200 से लेकर 2250 प्रति क्विंटल चल रहा है। मैनपुरी में तो इस बार महज 0.37 फीसद ही गेहूं की खरीद हो सकी है।