घटना बृहस्पतिवार सुबह हुई। पीड़ित सोमोती देवी के पुत्र लोहरे ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व पिता की मृत्यु हो चुकी है। हम तीन भाई भीकम,अनिल और मैं,हमारा परिवार मां के साथ ही रहते है। हमारे पास करीब कच्चे ढाई बीघा जमीन है, जिसमें हमने गेहूं की फसल बोई थी।फसल काटकर कुटवाने के लिए खेत में ही रखी हुई थी। घर में रिश्तेदार आए हुए थे। तभी बृहस्पतिवार सुबह सब लोग बैठे घर पर चाय पी रहे थे कि अचानक धुआं उड़ता देख रिश्तेदारों ने कहा देखो ये धुआं कहा से आ रहा है। सब लोग बाहर निकल कर आए तो देखा कि खेत में रखी गेहूं की फसल जल रही है।
खेत में आग लगी देख आसपास के लोगों की भीड़ लग गई।लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेज थी फसल देखते ही देखते राख हो गई। घटना की सूचना डायल 112 और फायर ब्रिगेड को दी लेकिन आग बहुत तेज थी देखते ही देखते पूरी फसल आंखों के सामने ही जलकर राख हो गई। फसल जलने से बच्चों के लिए रोटी का संकट पैदा हो गया। कुछ समय पहले एक दुर्घटना में पैर में फैक्चर होने की वजह से प्लास्टर लगा हुआ है।
मेहनत मजदूरी भी नही कर पा रहे है। फसल जलने के बाद बच्चों का वर्षभर का खाने का गेहूं जलकर राख हो गया। फसल जलने से करीब लाख रुपए का नुकसान हो गया। फसल को आंखों के सामने जलता देख परिवार की महिलाएं और बच्चे रोते बिलखते रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।