मथुरा में ईदगाह प्रकरण के मुकदमों में पक्षकार तथा विपक्षीगणों द्वारा उन जाने-माने अधिवक्ताओं से संपर्क किया जा रहा है, जो हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ते हैं। मथुरा की अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए इन अधिवक्ताओं को लाने की तैयारी है।
वर्तमान में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह प्रकरण में 11 केस चल रहे हैं। इनमें से अधिकतर वाद स्थानीय वादकारियों द्वारा डाले गए हैं, जबकि तीन प्रमुख वाद बाहरी वादकारियों के हैं। इनमें से एक वाद सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री का है, जबकि एक वाद हाईकोर्ट बेंच लखनऊ के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने भी डाला है। इसके अलावा लखनऊ के नारायणी सेना के अध्यक्ष मनीष यादव द्वारा भी वाद डाला गया है, जबकि अन्य मुकदमे में मथुरा के वादकारी एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष, अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा, एडवोकेट राजेंद्र माहेश्वरी ठाकुर केशव देव मंदिर के सेवायत तथा अन्य लोगों के द्वारा डाले गए हैं।
विपक्षीगण की पैरवी शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद आदि द्वारा की जा रही है। अपनी-अपनी पैरवी को मजबूत करने के लिए स्थानीय वादकारियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट से संबंधित चर्चित अधिवक्ताओं को लाने की तैयारी की जा रही है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वह सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट के कई अधिवक्ताओं से संपर्क साधा है। एडवोकेट राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि उनके द्वारा भी हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से संपर्क साधा जा रहा है। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा व नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया कि वे भी बात कर रहे हैं।
बता दें अधिकतर वाद में अभी केस का स्टेटस मुख्य बहस तक नहीं आ सका है। विपक्षीगण शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि वह समय-समय पर हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से संपर्क कर सलाह लेते रहते हैं।