मास्क लगाकर सात फेरे लेते दूल्हा और दुल्हन
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आगरा में कोरोना संक्रमण की तेज होती रफ्तार से लोगों ने शादी में मेहमान बनने से दूरी बना ली है। इसका सीधा असर वेडिंग इंडस्ट्री पर दिखाई देने लगा है। शादियों में उल्लास, उत्साह और उमंग पहले से कम है। जिन घरों में शादियां हैं, उन्होंने अपना बजट आधे से भी कम कर दिया है। यही कारण है कि 18 अप्रैल से शुरू हुआ सहालग से लेकर जुलाई तक के सहालग में रद्द होने वाली बुकिंग 75 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
इन सहालगों में आगरा के अलावा मंडल में आने वाले फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, मथुरा, भौगांव, टूंडला, शिकोहाबद आदि शहरों में वेडिंग इंडस्ट्री को एक हजार करोड़ में से साढ़े सात सौ करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले कई हफ्तों से लगातार बुकिंग रद्द हो रही हैं। डेकोरेटर, इवेंट मैनेजर, कैटरर्स आदि संचालकों के खर्चे तक नहीं निकल पा रहे हैं। 50 और 100 मेहमानों की क्षमता वाले कई मैरिज होमों में दूल्हा-दुल्हन के परिजनों के अलावा बाहर के एक-दो लोग ही दिखाई दे रहे हैं।
डेकोरेशन: 300 करोड़ का कारोबार प्रभावित
आगरा मंडल में डेकोरेशन का कारोबार इस सहालग में 350 करोड़ रुपये का बुक था। इनमें से महज 50 करोड़ का कारोबार ही रह गया है। यूपी वेडिंग इंडस्ट्री संस्था के सदस्य स्वप्निल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अभी तक डेकोरेशन से जुड़े कारोबारी 300 करोड़ रुपये का घाटा उठा चुके हैं। डेकोरेशन कारोबारी अंशू देव ने बताया कि दिसंबर तक राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।