आगरा में बृहस्पतिवार को झमाझम बारिश के कारण शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को आगरा का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार से तीन दिनों तक शहर में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है। इसके बाद मौसम साफ होने और धूप खिलने की संभावना है।
आधे घंटे में ही पानी में डूब गईं सड़कें
आगरा में भीषण गर्मी और उमस के बीच बृहस्पतिवार शाम चार बजे हुई बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई लेकिन सड़कों पर हुए जलभराव ने परेशानी बढ़ा दी। आधे घंटे में ही मदिया कटरा, कैलाशपुरी, दौरेठा, अवधपुरी, अलबतिया रोड, शंकरगढ़ पुलिया, हलवाई की बगीची आदि क्षेत्रों में सड़कें पानी में डूब गईं। कई वाहन इंजन तक पानी पहुंचने से बंद हो गए। धक्का लगाकर जैसे-तैसे निकाला गया। जलभराव ने नाला सफाई के नाम पर करोड़ों खर्च के दावों की भी पोल खोल दी। बाग फरजाना के पार्षद शरद चौहान ने बताया कि बारिश के बाद रवि हॉस्पिटल से दिल्ली गेट के बीच बना नाला चोक होने से पानी नहीं निकल पाया।
मदिया कटरा से कैलाशपुरी तक सड़क पानी में डूबी रही। यही हाल तोता का ताल का रहा। पुष्पांजलि अस्पताल के सामने और दिल्ली गेट से निकल रहा नाला बंद होने से जलभराव हुआ। शंकरगढ़ पुलिया की भी यही स्थिति रही। केदार नगर से अलबतिया रोड तक और फिर अवधपुरी में कॉलोनियों और घरों में पानी भर गया। दौरेठा क्षेत्र की कॉलोनियों में लोग जलभराव के कारण बाहर नहीं निकल पाए। क्षेत्रीय निवासी अनिल तिवारी ने बताया कि नालों की सफाई न होने का खामियाजा उठाना पड़ रहा है। नगर आयुक्त आकर सफाई का सच देखें। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि जलभराव वाली जगहों पर पंप लगवाकर पानी निकलवाया गया। कुछ जगह दिक्कतें हैं, जहां स्थायी समाधान के लिए योजना बनाई जा रही है।