तापमान लगातार बढ़ रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या भी तेजी बढ़ रही है। धूप से बचाने के लिए ओपीडी के बाहर तिरपाल तान दी गई है लेकिन बृहस्पतिवार को मरीजों को प्यास बुझाने के लिए पानी नहीं मिला। पंजीकरण हॉल में रखा मटका खाली था। ऐसे में लोगों को बाहर बाजार से पानी खरीदना पड़ा।
सुल्तानगंज की पुलिया निवासी दिनेश ने बताया कि डॉक्टर को दिखाने के लिए पर्चा बनवाने आया तो काफी देर कतार में खड़ा होना पड़ा। प्यास लगने पर कहीं पानी की व्यवस्था नहीं दिखी। लाइन से हट जाता तो दोबारा नंबर बहुत देर में आता इसलिए प्यासा ही खड़ा रहना पड़ा।
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बाजार से खरीदी पानी की बोतल
चारसू गेट निवासी पदमा ने बताया कि गर्मी बढ़ गई है। ओपीडी में भी भीड़ है। प्यास लगी तो बेटी को भेजकर बाहर से बोतल मंगाई। इतना बड़ा अस्पताल है यहां पर आरओ में पानी नहीं है। मटके में ही पानी भर दें। जिससे बाहर से पानी न खरीदना पड़े।
लगे हैं वाटर कूलर
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रशांत गुप्ता ने बताया कि पंजीकरण हॉल के लिए वाटर कूलर लगा है। ओपीडी में भी एक वाटर कूलर है। अगर चालू नहीं है तो ओपीडी प्रभारी से कहकर शुरू कराएंगे। मरीजों को पानी की दिक्कत नहीं होगी।
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मौसम बदलने से बुखार, खांसी
मौसम में लगातार बदलाव से लोगों को वायरल फीवर हो रहा है। ओपीडी में करीब 45 से 50 फीसदी मरीज खांसी-जुकाम, शरीर दर्द और वायरल फीवर के हैं। किसी अनजान वायरस की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है।
लक्षण और बचाव
ओपीडी में आने वाले मरीजों को शरीर में दर्द, थकान, गले में दर्द या खराश, शुरू में सूखी और फिर बलगम खांसी होने की शिकायत है। चिकित्सक का कहना है कि इससे डरने की जरूरत नहीं है। मुंह पर कपड़ा रखकर खांसे, बच्चों से दूरी बनाएं, संतुलित आहार लें, एसी में से सीधे धूप में ना जाएं, ठंडी चीजें लेने से बचें।