आगरा। ठंड से बचने के लिए मोजे, दस्तानों को घंटों पहनने से फंगल इन्फेक्शन बढ़ रहा है। अंडरगारमेंट नहीं बदलने से भी ये दिक्कत बन रही है। पहली लेयर यानी बनियान की जगह ऊनी कपड़े पहनने से त्वचा की एलर्जी भी मिल रही है। इससे खुजली और लाल दाने हो रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में ऐसे 40 फीसदी मरीज हैं। दवा देने के साथ मरीजों को बचाव के बारे में भी बताया जा रहा हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 300 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें मोजे-दस्ताने लगातार पहने रहने से नमी के कारण हाथ-पैरों की अंगुलियों में इन्फेक्शन मिल रहा है। कीटाणु पनपने से अंगुलियों में जख्म भी बन रहे हैं। अंडरगारमेंट और इनर को नहीं बदलने से स्क्रैबीज और त्वचा की एलर्जी की भी परेशानी बन रही है। कई ऐसे भी मरीज हैं, जिनमें वूलन एलर्जी हो रही है। इसमें मरीज ऊनी कपड़ों को पहली लेयर में पहनते हैं। इसके रेशे त्वचा पर घिसने से लाल दाने, खुजली हो रही है। इन परेशानी के रोजाना 120-150 मरीज आ रहे हैं।
रोज नहीं नहाना भी संक्रमण का कारण
त्वचा रोग विभाग के डॉ. आकाश गुप्ता ने बताया कि ठंड में कई लोग रोजाना नहीं नहाते हैं, अंडरगारमेंट भी रोज नहीं बदलते। ऐसे में गंदगी से कीटाणु पनप कर त्वचा में संक्रमण की वजह बन रहे हैं। इनमें ऐसे लोगों में ज्यादा दिक्कत मिल रही है जो कामकाजी हैं। दवाएं देने के साथ इनको बचाव के बारे में भी बता रहे हैं।
हीटर से लंबे समय तक सिकाई से बचें
एसएन के त्वचा रोग विभाग की डॉ. आंचल कुंडलिया ने बताया कि ठंड से बचने के लिए कई लोग लगातार हीटर से हाथ-पैर सेंक रहे हैं। पानी भी कम पी रहे हैं। कई ऐसे भी हैं, जो नहाने में अधिक गर्म पानी का इस्तेमाल करते हैं। इससे नमी की कमी से त्वचा खुश्क हो रही है। इससे स्क्रैच, खुजली, लाल दाने की परेशानी हो रही है। बाल टूटने और डैंड्रफ की दिक्कत भी बढ़ गई है।
इन बातों का भी रखें ध्यान...
- दस्तानों और मोजों को 48 घंटे बाद जरूर बदल लें। अच्छी तरह से धोएं।
- रोजाना नहाएं, अंडरगारमेंट रोज बदलें, शरीर और हाथ-पैरों को सूखा रखें।
- हीटर के उपयोग करते वक्त खिड़की खोलें, कमरे में पानी भरी बाल्टी रखें।
- रोजाना तीन लीटर पानी पीएं, हाथ-पैरों पर नारियल का तेल, क्रीम लगाएं।
- अधिक गर्म पानी के बजाय गुनगुने पानी से नहाने से बचें, बालों को धोएं।