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UP: आगरा-जलेसर-एटा हाईवे का रास्ता हुआ साफ, सीईसी ने की पेड़ काटने की सिफारिश; सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

Sat, 05 Apr 2025 09:32 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा-जलेसर-एटा रोड की बाधा खत्म हो गई है। सीईसी ने पेड़ काटने की सिफारिश की है। अब 8 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट की बेंच मामले की सुनवाई करेगी।

 
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आगरा से जलेसर होते हुए एटा तक सड़क - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा से जलेसर होते हुए एटा तक सड़क निर्माण की बाधा खत्म हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी ने अपनी सिफारिश दाखिल कर दी है, जिसमें पेड़ काटने की अनुमति देने की सिफारिश की गई है। सीईसी टीम ने इसके एवज में 38 हजार पेड़ आगरा और एटा में लगा दिए जाने का ब्योरा दाखिल किया है। सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय बेंच 8 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई करेगी।
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लोक निर्माण विभाग के हाइवे डिवीजन ने आगरा-जलेसर-एटा रोड के निर्माण के लिए 3,014 पेड़ काटने की याचिका आईए नंबर 108684-85 और आईए नंबर 72857 दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने हरे पेड़ काटने के मामले में अनुमति देने से यह कहते हुए इंकार कर दिया था कि जब तक दस गुने पेड़ नहीं लगा दिए जाते, तब तक कोई अनुमति नहीं दी जाएगी। 27 मार्च को सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी की टीम ने आगरा और एटा का निरीक्षण किया, जहां 3014 पेड़ काटने की जगह 38,740 पौधे लगाने की रिपोर्ट दी गई है।

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कमेटी ने आगरा में किरावली के उत्तू गांव में 14 हेक्टेयर, फतेहाबाद के मदयाना में 10.50 हेक्टेयर, खेरागढ़ के सरेंधी में 4.85 हेक्टेयर और एटा के सकतपुर में 10 हेक्टेयर में पेड़ लगाने की रिपोर्ट दी है। दो अप्रैल को दाखिल की गई सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी की रिपोर्ट नंबर 14 पर सुप्रीम कोर्ट 8 अप्रैल को दोपहर 3 बजे सुनवाई करेगा। सीईसी की इस रिपोर्ट ने आगरा-जलेसर-एटा के बीच प्रस्तावित इस सड़क के निर्माण में आ रही बड़ी बाधा को दूर कर दिया है।
 


सीईसी ने ये की हैं सिफारिशें
- आगरा जिले में 0.25-50 किमी खंड पर यूपीपीडब्ल्यूडी को पेड़ काटने की अनुमति दी जा सकती है
- एटा में काम शुरू करने से पहले सकतपुर गांव में पौधारोपण क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त किया जाए
- प्रतिपूरक वनरोपण के लिए चिन्हित 42.684 हेक्टेयर को राज्य सरकार संरक्षित वन में अधिसूचित करें

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पौधों को पहुंचाया गया नुकसान
सुप्रीम कोर्ट की हरे पेड़ काटने पर सख्ती के बाद पीडब्ल्यूडी ने वन विभाग को जमीन और पौधों के लिए बजट उपलब्ध कराया। आगरा में तीन जगह 30 हजार पौधे लगाए गए हैं, जबकि एटा के सकतपुर में 10 हेक्टेयर जमीन पर 8600 पौधे लगाए गए। सीईसी टीम को 27 मार्च के निरीक्षण में कई जगह पौधों को नुकसान दिखा, जिस पर नए पौधे लगाने के निर्देश दिए गए। सकतपुर में पौधारोपण वाली जगह दो कच्चे मकान दिखे, जिन्हें हटाने को कहा गया है। सीईसी ने मृत पौधों को तुरंत बदलने के लिए वन विभाग से कहा है। आगरा में सरेंधी में दो किसान अपने खेत से पौधों को पानी दे रहे हैं। यहां और फतेहाबाद में पौधे छह से 8 फीट के हो चुके हैं।
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