मैनपुरी। शहर में पानी की टंकियों की करीब एक साल से सफाई नहीं हुई है। जिले में बड़ी संख्या में लोग आज भी बोतल का पानी नहीं खरीदते हैं। इस पानी को ही वह पीने के लिए प्रयोग करते हैं। इन लोगों के स्वास्थ्य और अपनी जिम्मेदारी के प्रति पालिका गंभीर नहीं है। नगर पालिका के 32 वार्डों में लगभग 34 हजार घरों में पानी सप्लाई दी जा रही है। 14 टंकियों के माध्यम से ये पानी शहर के 1.51 लाख लोगों तक पहुंचता है।
नगर पालिका प्रशासन का मानना है कि साल में कम से कम दो से तीन बार पानी की टंकी की सफाई की जानी चाहिए। इतना ही नहीं नवंबर 2020 में टंकियों की सफाई का दावा भी पालिका प्रशासन कर रहा है, लेकिन हकीकत में अधिकांश टंकियों की सफाई हुई ही नहीं है। पड़ताल में खुद नलकूप और टंकी की देखरेख के लिए तैनात ऑपरेटरों ने ये बात स्वीकार की है। ऐसे में कहीं न कहीं ये लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर नहीं है।
टंकियों पर सफाई की तारीख तक नहीं दर्ज
शासन का आदेश है कि टंकी की सफाई करने के बाद टंकी पर इसकी तिथि अंकित करना अनिवार्य है। हालांकि शहर की अधिकतर टंकियों पर सफाई की तिथि दर्ज नहीं है। कुछ टंकियों पर सफाई की तिथि दर्ज है जो पालिका की लापरवाही की पोल खोल रही है।
केस-एक
स्थान: आवास विकास टंकी
इस टंकी पर सफाई की तारीख अंकित है। टंकी पर दर्ज तारीख के अनुसार आठ नवंबर 2019 को अंतिम बार टंकी की सफाई की गई थी। यहां मौजूद ऑपरेटर का कहना था कि उसका सफाई से कोई लेना देना नहीं है। जब-जब सफाई हुई तारीख दर्ज है। उसने अपना नाम भी बताने से मना कर दिया।
केस-दो
स्थान: करहल चौराहा वाटर वर्क्स
यहां स्थापित पानी टंकी की सफाई पिछले एक साल से नहीं हुई है। टंकी पर शासनादेश के बाद भी सफाई की कोई तारीख अंकित नहीं है। यहां तैनात ऑपरेटर शिवनरायन सिंह का कहना था कि पिछले एक साल से टंकी की सफाई नहीं हुई है।
केस-तीन
स्थान: अवध नगर टंकी
इस टंकी की सफाई पिछले आठ महीने से नहीं हुई है। आठ महीने पहले नलकूप का रीबोर कराया गया था, उस समय टंकी में बालू जमा हो गई थी, तब बालू निकालने के लिए सफाई कराई गई थी। यहां तैनात ऑपरेटर ब्रजेश कुमार ने बताया कि पिछले साल बरसात से पहले सफाई कराई गई थी तब से सफाई नहीं हुई है।
बोले लोग
टंकियों की नियमित सफाई नहीं होती है। इसके कारण टंकी का पानी पीने तक की इच्छा नहीं होती है। टंकी का पानी नहाने और कपड़े धोने में ही प्रयोग किया जा रहा है। - अनवर श्रीवास्तव, आवास विकास
नगर पालिका प्रशासन को चाहिए कि टंकियों की सफाई नियमित कराई जाए। भले ही पैसे वाले लोगों के यहां सबमर्सिबल लगी है लेकिन निचले तबके के लोग आज भी टंकी का पानी पीते हैं। - राकेश कुमार, अवधनगर
कुछ वर्ष पहले टंकियों की नियमित सफाई होती थी। पानी में दवा भी डाली जाती थी। अब ऐसा महसूस नहीं होता है। आज भी बड़ी आबादी बिना आरओ का पानी ही पीती है। - जितेंद्र सिंह, करहल रोड
टंकियों की नियमित सफाई कराई जाए। इससे कि लोग टंकी के पानी को भी बिना किसी हिचकिचाहट के साथ पीने में प्रयोग कर सकें। - तोताराम, राजा का बाग
दोषित पानी कई बीमारियों का कारण है। दूषित पानी पीने से पीलिया, डायरिया, दस्त, कुकुर खांसी सहित कई अन्य बीमारियां हो सकती हैं। बीमारियों से बचने के लिए नल में आने वाले पानी को अच्छी तरह उबालने के बाद उसका इस्तेमाल करें।
डॉ. जेजे राम, वरिष्ठ फिजीशियन जिला अस्पताल
सभी टंकियों की नवंबर में सफाई कराई गई थी। अब फिर होली से पहले सभी टंकियों की सफाई करा दी जाएगी। इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। टंकियों पर सफाई की तारीख क्यों दर्ज नहीं है इस संबंध जानकारी की जाएगी। - लालचंद्र भारती, ईओ नगर पालिका