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लापरवाही: फिरोजाबाद में डेंगू-वायरल का प्रकोप, एसएन में जलभराव, इमरजेंसी में गंदगी पर भड़के नोडल अधिकारी, बोले-तत्काल सुधारो

Wed, 08 Sep 2021 11:44 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

फिरोजाबाद में बुखार से 102 मरीजों की मौत हो चुकी है, कई मरीज आगरा में इलाज के लिए आए हैं। लेकिन आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में डेंगू वार्ड के पास जलभराव है जो बीमारी का कारक बन सकता है।
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आसपास जलभराव न होने दो, साफ-सफाई बरतो। स्वास्थ्य विभाग और एसएन कॉलेज प्रशासन औरों को ये नसीहतें जरूर दे रहे हैं, लेकिन खुद अमल में नहीं ला रहे। एसएन कॉलेज की घड़ी वाली इमारत और बाल रोग विभाग के पास पानी भरा हुआ है। कचरे का भी ढेर लगा है। इसमें मच्छर पनप रहे हैं, जिनके काटने से डेंगू-मलेरिया का खतरा है। यहां रविवार को अपर मुख्य सचिव के निरीक्षण के बाद साफ-सफाई फिर चौपट हाल में है। 
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डेंगू वार्ड के बाहर भरा पानी, पनप रहे मच्छर
घड़ी वाली इमारत के गेट पर पानी भरा हुआ है। इसमें मच्छर पनप रहे हैं। पास में कचरे का ढेर लगा है। इसी इमारत की तीसरी मंजिल पर डेंगू वार्ड बना है, जहां मरीजों का इलाज चल रहा है। यह वही इमारत है, जिसका रविवार को अपर मुख्य सचिव ने निरीक्षण किया था।

बाल रोग विभाग की ओपीडी के पास जलभराव
बाल रोग विभाग की ओपीडी के पास जलभराव है। यहीं पर बुखार-खांसी के मरीजों के इलाज के लिए परिजन आ रहे हैं। इसी इमारत में स्त्री रोग विभाग भी है, जहां गर्भवती महिला और अन्य महिला मरीजों का उपचार हो रहा है। यहां पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की।
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कर्मचारी लगाए हैं
पानी की निकासी के लिए कर्मचारी लगाए हैं, नगर निगम को भी कहा है। छिड़काव भी कराया जा रहा है। कचरे को डस्टबिन में ही डालें इसकी हिदायत देता हूं।  - डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज  

इमरजेंसी में गंदगी पर भड़के नोडल अधिकारी, बोले-तत्काल सुधारो
मुख्यमंत्री की ओर से भेजे गए संजय गांधी पीजीआई के इमरजेंसी मेडिसिन के डॉ. आरके सिंह को निरीक्षण में इमरजेंसी और डेंगू वार्ड में व्यवस्थाएं फेल मिलीं। यहां गंदगी थी और चादर पर धब्बे थे। मरीजों को भर्ती करने और वार्ड में शिफ्ट करने की व्यवस्थित नहीं मिली। इस पर वह भड़क गए और बोले, यह मिस मैनेजमेंट है, तत्काल सुधार करिए। 
डॉ. सिंह करीब साढ़े तीन बजे इमरजेंसी पहुंचे थे। यहां निरीक्षण के बाद मेडिसिन और बाल रोग विभाग के डेंगू वार्ड का हाल देखा। भर्ती मरीजों की स्थिति और चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी की। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए वेंटिलेटर चलवाकर देखे। उन्होंने प्राचार्य और विभागाध्यक्ष के साथ करीब घंटेभर बैठक कर सुधार के लिए सुझाव दिए। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि नोडल अधिकारी ने जो सुधार के लिए कहा है, उसके लिए निर्देशित कर दिया है।

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