कासगंज। गंगा के जलस्तर में फिर से वृद्धि के संकेत हैं। रविवार को हरिद्वार से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद से जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। सोमवार को करीब 6 हजार क्यूसेक पानी की जलस्तर में वृद्धि होने से कछला ब्रिज पर 5 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। मंगलवार को भी जलस्तर में वृद्धि का अलर्ट है। यह वृद्धि कितनी होगी यह मंगलवार सुबह स्पष्ट होगा। फिलहाल सिंचाई विभाग ने फिर से अलर्ट देते हुए निगरानी बढ़ा दी है। जलस्तर में वृद्धि का यही सिलसिला बना रहा तो फिर से जिले के तटीय इलाकों में लोगों को मीडियम फ्लड का सामना करना पड़ सकता है। तटवर्ती इलाके के लोगों की बेचैनी फिर से बढ़ गई है।
रविवार दोपहर में हरिद्वार से 2 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर में वृद्धि का अलर्ट हुआ था। रात्रि तक हरिद्वार से बढ़े हुए पानी का क्रम जारी था। हरिद्वार के बढ़े प्रवाह का असर सोमवार को बिजनौर बैराज पर देखने को मिला। यहां से भी पानी का प्रवाह बढ़ गया और नरौरा बैराज से भी पानी का प्रवाह बढ़ा। पहाड़ी और मैदानी इलाके में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश होने के कारण फिर से गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। आगे भी बारिश की स्थिति पर यह निर्भर करेगा। पिछली बार की बाढ़ में जिले के 60 गांव प्रभावित हुए थे। इन प्रभावित गांव में अभी तक राहत नहीं लौट पाई है। इन गांव में फिर से दुश्वारियां बढ़ जाएंगी। प्रभावित गांव में 15 से अधिक गांव सोरोंजी क्षेत्र के हैं जबकि 3 गांव सहावर क्षेत्र के और 42 गांव पटियाली क्षेत्र के हैं। जहां बाढ़ के दौरान काफी क्षति हो चुकी है।
अब फिर से बाढ़ की स्थिति बनने पर इन इलाकों में काफी दिक्कतें बढ़ जाएंगी। नगला तरसी के भूदेव, राम सिंह बताते हैं कि उनके गांव में अभी तक राहत नहीं लौटी है। काफी परेशानियां ग्रामीणों के सामने हैं। पानी तमाम फसलों में भरा हुआ है। फिर बाढ़ आई तो कहर बन जाएगी। ऐसी ही स्थिति प्रभावित इलाके के ग्रामीणों की है। जो इन्हीं आशंकाओं को लेकर चिंतित और परेशान हैं।