चंबल नदी के किनारे बसे गांवों के लोग हैंडपंप खराब होने के चलते नदी के पानी से ही अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं। सर्दी के मौसम में महिलाओं और बच्चों को नदी से पानी भर कर लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेजकर पेयजल संकट से निजात दिलाने की गुहार लगाई हैै।
नदी के किनारे बसे बाह के गांव मऊ की मढै़या, गुढ़ा, झरनापुरा, शिवलाल पुरा, रेहा, उमरैठापुरा, सुखभान पुरा आदि दर्जन भर गांवों में पीने के पानी के लिए हैंडपंप के अलावा कोई साधन नहीं है। मऊ की मढै़या निवासी मवासी, मेवाराम, रामसनेही, चतुरी, गुढ़ा गांव के गुलजारी, अर्जुन, सुम्मेर, कमल सिंह, हजारी, शिवलाल पुरा के पोथीराम, लोचन सिंह, ग्यादीन, परमौले, रेहा के साधू, जनक सिंह, यादराम ने बताया कि गांव में लगे हैंडपंप खराब होने के कारण लोगों को चंबल नदी से पानी लाना पड़ रहा है। इसके सिवा पानी का कोई इंतजाम न होने के कारण लोगों में रोष है। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेजकर गांव में खराब पडे़ हैंडपंपों को ठीक कराने और नये हैंडपंप लगाने की मांग की है।
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तीन सप्ताह से खराब पड़ा नलकूप
पिनाहट। गांव चचिहा का नलकूप संख्या-807 लगभग तीन सप्ताह से खराब पड़ा है। इससे लोगों को अपनी फसलों की सिंचाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को किसानों ने नलकूप विभाग कर्मचारियों के खिलाफ प्रदर्शन कर नलकूप सही कराने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि सिंचाई की दूसरी व्यवस्था न होने से फसलें सूखने का डर सता रहा है। कई बार कर्मचारियों से नलकूप सही कराने के लिए कहा गया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस संबंध में सहायक अभियंता नलकूप विभाग आरवी सुमन का कहना है कि जल्द ही नलकूप सही कराया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में विजय कुमार शर्मा, माधो, सुदामा, कपूरचंद, दाताराम, रमेश चंद्र, वदन सिंह, ग्याराम, देवीचरन आदि शामिल रहे।