पेयजल लाइन बुधवार को तीन और जगह से लीक हो गई। इस कारण लगभग एक लाख आबादी को पानी नहीं मिल सका। अयोध्या कुंज, कटरा उमर और आवास विकास सेक्टर 16 में प्रेशर न झेल पाने के कारण पुरानी लाइनें लीक हो गई।
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इससे पहले मंगलवार को भैंरो बाजार, नरायच, आवास विकास में लीकेज हुए थे। बुधवार को ताजगंज में सीवर लाइन डालने के दौरान पानी की पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे रात भर कटरा उमर में पानी बहकर बर्बाद होता रहा।
अर्जुन नगर के अयोध्या कुं ज में आठ इंच व्यास की पाइप लाइन लीक हो गई, जिससे कॉलोनी में सड़क धंस गई। लीकेज के कारण बहे पानी से कॉलोनी में 6 फुट लंबाई और 4 फुट गहरा गड्ढा हो गया। रात में आपूर्ति के दौरान यहां सड़क पर गंगाजल बहकर बर्बाद हुआ।
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दिन में लीकेज की शिकायत पर जलापूर्ति बंद की गई। दोपहर बाद जलकल की टीम पहुंची और रात तक यहां मरम्मत का काम चलता रहा। अयोध्या कुंज के साथ ही कटरा उमर खां, ताजगंज और सेक्टर 16 के लोगों को लीकेज के करण पानी की किल्लत झेलनी पड़ी।
बूंद-बूंद बचाने का दावा था... अब सड़कों पर बह रहा अमृत
मेयर नवीन जैन ने शहर में गंगाजल की आपूर्ति शुरू होने के बाद एक-एक बूंद बचाने का दावा किया था। इसके लिए देश भर के महापौर सम्मेलन में संकल्प लिया गया था। पाइप लाइन लीकेज के कारण उनका दावा फेल हो रहा है। हर दिन लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
अफसरों पर हो कार्रवाई
गंगाजल हमारे लिए अमृत की तरह है, लेकिन इसे बर्बाद किया जा रहा है। इसके लिए जलनिगम के अफसरों पर कार्रवाई होनी चाहिए - नरेंद्र कुमार, अयोध्या कुंज
पानी की हर बूंद कीमती
हमारे लिए पानी की हर बूंद कीमती है, पर आंखों के सामने ही गंगाजल बह रहा है जो ईश्वर के प्रसाद की तरह है। ये अफसर बैठकर क्या कर रहे हैं। पानी घरों के लिए है या सड़क पर बहाने के लिए - बैकुंठी देवी, अयोध्या कुंज
अफसर लापरवाह, खामियाजा भुगत रही जनता
2887 करोड़ रुपये की लागत से पालड़ा फाल से आगरा तक गंगाजल लाने का प्रोजेक्ट 2012 से शुरू किया गया, जिसमें अधिकारियों ने 8 साल लगा लिए। इस दौरान जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स से पुराने शहर में मेन राइजिंग लगातार लीक होती रही, जिस पर अस्थाई मरम्मत की जाती रही, लेकिन लाइनें बदलने का काम नहीं किया गया। अफसरों ने जो लापरवाही बरती, उसका खामियाजा जनता को उठाना पड़ रहा है।
अब जब कि गंगाजल दोनों वॉटरवर्क्स पर आ चुका है, तब पाइप लाइन बदलने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पाइप लाइन बदलने में तीन साल का समय लग सकता है। जल निगम के अधिकारी जीवनी मंडी पर ब्रिटिशकालीन पाइप लाइन की जगह नए पाइप डालने की योजना बनाने का दावा कर रहे हैं।
पूरे शहर के जर्जर पाइप बदलवाएंगे
जिस दौरान गंगाजल के पाइप डालने का काम चल रहा था, उसी दौरान पुराने जर्जर पाइपों को बदल दिया जाता तो गंगाजल बर्बाद नहीं होता। मैने नगर विकास मंत्री से बात की है। पुराने पाइप बदलने के लिए प्रोजेक्ट बनाकर ले जाएंगे। मुख्यमंत्री जी से योजना पास कराकर पूरे शहर की पुरानी लाइनें बदलवाई जाएंगी, जिससे एक बूंद पानी भी लीकेज में बर्बाद न हो - नवीन जैन, मेयर