कासगंज। हरिद्वार और बिजनौर से छोड़े जा रहे पानी से जिले में गंगा की धार तेज होती जा रही है। रविवार को जलस्तर तेजी से बढ़ा। सुबह नरौरा बैराज से चला 83975 क्यूसेक पानी सायं छह बजे तक बढ़कर 1.71 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। यही डिस्चार्ज शनिवार को केवल 13850 क्यूसेक था। गंगानदी में लो मीडियम लेविल का पानी आ गया है। जिलाधिकारी ने जिले में अलर्ट करके तहसील प्रशासन और सिंचाई विभाग को सक्रिय किया है।
पहाड़ों पर तेज बारिश होने के कारण रविवार की सुबह बिजनौर बैराज पर पानी 4.25 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। वहां से यह पानी नरौरा की ओर छोड़ा जा रहा है। हर दो घंटे पर पानी का डिस्चार्ज बढ़ता गया। दोपहर तक यह डिस्चार्ज 1.38 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। सोमवार को पानी का डिस्चार्ज और स्तर और बढ़ जाएगा। बाढ़ के हालात देख जिलाधिकारी सीपी सिंह के निर्देश पर सभी तहसीलों का राजस्व और सिंचाई विभाग सक्रिय है। तटवर्ती इलाकों में मुनादि के बाद ग्रामीण सक्रिय सतर्क हो गए हैं। कादरगंज के असलम का कहना है कि एक साथ पानी तेजी से आने के कारण इलाके के कच्चे बांध कट सकते हैं। जिससे ग्रामीण इलाकों में खतरा बन सकता है।
रेलवे ने बढ़ाई सतर्कता
वर्ष 2010 में जब बाढ़ आई थी तब कछला के समीप रेल ट्रैक धंस गया और रेल का इंजन पानी में समा गया था। रविवार को रेलवे के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बातचीत की और पेट्रोलिंग शुरू कराई है।
तैयार किए गए बालू के 9 हजार पैकेट
नगला दल, कादरगंज और पटियाली क्षेत्र में जहां-जहां कटान की संभावना है, वहां विभाग ने तैयारी की है। तीनों प्वांइट पर बालू के नौ हजार पैकेट तैयार कराए हैं। जिससे पानी की धार मुड़े तो बालू के पैकेट डालकर उसे रोका जा सके।
अधिशासी अभियंता ने किया निरीक्षण
संचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरूण कुमार ने सहावर क्षेेत्र में किए जा रहे कटानरोधी कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कटान रोकने में जुटी टीम को निर्देश दिए हैं कि तेजी के साथ काम पूरा करें। ग्रामीणों से कहा कि वे स्वयं भी नजर रखें और सूचना देते रहें।
रविवार को पानी का डिस्चार्ज-
- हरिद्वार- 193263 क्यूसेक।
- बिजनौर- 425507 क्यूसेक।
- नरौरा- 121000 क्यूसेक।
बैराजों से कछला तक पानी की रफ्तार-
- हरिद्वार से 62 घंटे में कछला पहुंचता है पानी।
- बिजनौर से 46 घंटे में कछला पहुंचता है पानी।
- नरौरा से 12 घंटे में कछला तक पहुंचता है पानी।
इस तरह बनते हैं बाढ़ के हालात
- 30 हजार क्यूसेक तक बाढ़ नहीं।
- 30हजार से 1 लाख क्यूसेक तक सामान्य बाढ़।
- 1 लाख से डेढ़ लाख क्यूसेक तक धीमी बाढ़।
- 2.5 लाख क्यूसेक तक मध्यम बाढ़।
- 3 लाख क्यूसेक पर खतरा़।
- बैराजों से पानी गंगानदी में छोड़ा जा रहा है। नरौरा बैराज से 1.38 लाख क्यूसेक पानी रविवार दोपहर को छोड़ा गया जो रविवार मध्यरात तक कछला में पहुंच जाएगा। बाढ़ और कटान से निपटने के लिए तैयारियां कर ली गई हैं। ग्रामीण इलाकों में अलर्ट कर दिया गया है।- अरूण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई।