शहर में गर्मियों में होने वाली पानी की किल्लत को लेकर शासन गंभीर है। शनिवार को प्रमुख सचिव नगर विकास एसपी सिंह ने सिकंदरा वाटर वर्क्स का निरीक्षण किया। गंगाजल प्रोजेक्ट में हो रही देरी पर उन्होंने जलनिगम के अधिकारियों की क्लास ली। कहा कि बहाने मत बनाओ, काम तेजी लाओ, जिससे जनता को पेयजल की किल्लत से नहीं जूझना पड़।
प्रमुख सचिव नगर विकास ने सुबह सबसे पहले धांधूपुरा एसटीपी का निरीक्षण किया। यहां कुछ खामियां मिली, जिन्हें तुरंत दूर करने को कहा। इसके बाद सिकंदरा वाटर वर्क्स का निरीक्षण किया। जल निगम के अधिकारियों ने प्रमुख सचिव को एमबीबीआर प्लांट से ट्रीट हो रहा पानी दिखाया। पानी गुणवत्ता देखकर प्रमुख सचिव ने संतुष्टि जताई लेकिन जब नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि 144 एमएलडी के स्थान पर महज 117 एमएलडी पानी दिया जा रहा है। इस पर सचिव ने कारण पूछा तो जल निगम के अधिकारी बगले झांकने लगे। इसके बाद प्रमुख सचिव गंगाजल प्रोजेक्ट की प्रगति देखने गए। उन्होंने गंगाजल के विषय में जानकारी प्राप्त की। जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि अभी कई स्थानों पर अड़चन आ रही है। मथुरा में कुछ किसान फसल का मुआवजा लेने के बाद भी लाइन नहीं डालने दे रहे हैं तो कुछ ने मुआवजा नहीं लिया है। कुछ किसानों ने रिट कर दी है। प्रमुख सचिव ने कहा कि मुआवजे के मामले स्थानीय है, इन्हें जिलाधिकारी के माध्यम से सुलझाना चाहिए। नगर आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह, जीएम जलकल एसके वर्मा, उप नगर आयुक्त अनिल कुमार और जल निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
सिकंदरा वाटर वर्क्स पर डाली जाएगी अतिरिक्त राइजिंगमेन
आगरा। जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि सिकंदरा वाटर वर्क्स के लिए अतिरिक्त राइजिंगमेन डाली जाएगी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट से पेड़ काटने की अनुमति मिल गई है। वर्तमान राइजिंगमेन से 144 एमएलडी मिल रहा है। गंगाजल के लिए डलने वाली राइजिंगमेन से 144 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलने लगेगा। पुराने वाटर वर्क्स को भी रिपेयर किया जाएगा। इससे सिकंदरा वाटर वर्क्स की क्षमता 288 एमएलएडी हो जाएगी।