गुजरात में चौकीदार की नौकरी कर रहे एक व्यक्ति के नाम पर आगरा में पंजीकृत एक फर्म ने कागजों में करोड़ों का व्यापार दिखाकर सरकारी खजाने के 3.25 करोड़ रुपये हड़प लिए। मामला सामने आने के बाद राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने लोहामंडी थाने में चौकीदार और कई फर्मों के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त अरुण शुक्ला की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार आगरा में पंजीकृत एलएस इंटरप्राइजेज नाम की फर्म का 29 जुलाई को स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पता चला कि जिस जगह पर फर्म का कार्यालय दिखाया गया था, वहां कोई व्यापार नहीं हो रहा था। सत्यापन के दौरान अधिकारियों को बंटी सिंह नाम का एक व्यक्ति मिला।
उससे पूछताछ में पता चला कि फर्म जिस लोकेंद्र सिंह के नाम पर पंजीकृत है, वह सिक्योरिटी गार्ड है और वर्तमान में गुजरात के अहमदाबाद में नौकरी कर रहा है। अधिकारियों ने लोकेंद्र से फोन के जरिये संपर्क कर पूछताछ की तो पता चला कि उसने न तो कोई फर्म पंजीकृत कराई और न ही उसे किसी फर्म के उसके नाम पर पंजीकृत होने की जानकारी थी। इस मामले के सामने आने के बाद राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन आरोपी फर्म का पिछला रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया।
जांच में पता चला कि इस फर्म ने दिल्ली और पंजाब की कई फर्मों के साथ करोड़ों रुपये का व्यापार दिखाया और उसके आधार पर बोगस आईटीसी पास ऑन कर करीब 3.25 करोड़ रुपये का गबन कर लिया। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने लोहा मंडी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।