ऑनलाइन रामलीला में सोमवार को लोगों ने सिया-राम के विवाह और वनवास की लीला देखी। जैसे ही राम ने जानकी के गले में वर माला डाली, वैसे ही जनकपुरी खुशी से झूम उठी। मंगल गीत गाए गए। चारों राजकुमार अयोध्या पहुंचे तो उनका स्वागत हुआ।
इसके बाद राजा दशरथ ने घोषणा कर दी कि राम का राज्यभिषेक होगा। इस पर दासी मंथरा ने रानी कैकेयी के कान भर दिए। कैकेयी ने राजा से दो वर मांगे, पुत्र भरत के लिए सिंहासन और राम के लिए वनवास। इस पर राम वन को चल दिए। सीता और लक्ष्मण उनके साथ चले गए।
आज देखिए केवट लीला
आज केवट लीला है। इसमें दिखाया जाएगा कि राम वन में चले जाते हैं तो भरत उनसे मिलने के लिए आते हैं। उनकी चरण पादुका ले जाते हैं और उसे सिंहासन पर रखकर राज चलाते हैं। उधर नदी पार करने के लिए राम को केवट की मदद की आवश्यकता पड़ती है।