कासगंज अमांपुर के सर्वहितकारी इंटर कॉलेज में छात्र छात्राओं के हाथ सैनिटाइज कराता विद्यालय स्ट?
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कासगंज। कोरोना संकट के चलते बंद किए गए इंटरमीडिएट स्तर के स्कूल लगभग साढ़े सात माह बाद सोमवार से खुल गए। स्कूल खुलने के पहले दिन जहां शहरी क्षेत्र के स्कूलों में सन्नाटा नजर आया वहीं ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल गुलजार रहे। शिक्षकों ने स्कूल पहुंचने वाले छात्राओं की पढ़ाई कराई।
बोर्ड परीक्षा समाप्त हो जाने के बाद 6 मार्च को स्कूलों में अवकाश हो गया था। इसके बाद लॉकडाउन हो जाने की वजह से स्कूलों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। कोरोना संकट के बीच शासन ने 19 अक्तूबर से नए नियमों के तहत स्कूल खोलने का निर्णय लिया। इसके तहत विद्यालयों ने कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को दो शिफ्टों में स्कूल बुलाया। शहरी क्षेत्रों में अनुमति देने के बाद भी अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने में अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई। शहर के बीएवी इंटर कॉलेज में पहली पाली में सुबह 9 बजे तक एक भी विद्यार्थी पढ़ने के लिए नहीं पहुंचा।
श्रीगणेश इंटर कॉलेज में पहली पाली में 50 तथा दूसरी पाली में 32 छात्र पहुंचे। सुमंत कुमार माहेश्वरी इंटर कॉलेज में पहली पाली में 18 व दूसरी पाली में 23, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पहली पाली में 44 व दूसरी पाली में 39 छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंची। सीबीएसई बोर्ड के एसजेेएस पब्लिक स्कूल में दोनों पालियों में मात्र 20 छात्र छात्राएं ही अपने स्कूल पहुंचे। अमांपुर के सर्वहितकारी स्कूल में बुलाए गए 200 में से 150 छात्र उपस्थित हुए। गंजडुंडवारा क्षेत्र में हरनरायण में 648, नाथूराम सुशीला देवी में 565, एमआर शेरवानी कॉलेज में 184, नगर पालिका कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 128 छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंची। सभी विद्यालयों में हाथों को सैनिटाइज कराने एवं मास्क के बाद प्रवेश दिया गया। जेडी जितेंद्र मलिक ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज व थरा चीतरा के मॉडल स्कूल का निरीक्षण किया। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक एसडीएम रवेंद्र कुमार ने श्रीगणेश इंटर कॉलेज सहित अन्य स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा।