मुख्यमंत्री का पुतला फूंकते सपा कार्यकर्ता (फाइल)
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मैनपुरी में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के पति को पीटने वाले वाले इंस्पेक्टर और तीन सिपाहियों के साथ मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने वाले सपा नेताओं की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस पर एसपी ने गुरुवार को फरार चल रहे आरोपियों के वारंट जारी कराने के निर्देश दिए हैं।
पांच जुलाई की रात तीन युवकों ने पति की आंखों में स्प्रे डालकर महिला का अपहरण कर चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़ित पति ने पुलिस से शिकायत की तो बिछवां थानाध्यक्ष राजेश पाल सिंह ने मदद की जगह उसे थाने ले जाकर पीटा।
पिटाई के आरोप में अगले ही दिन इंस्पेक्टर को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया था। शासन से दबाव बढ़ा तो दूसरे दिन इंस्पेक्टर राजेश पाल सिंह के साथ हमराह सिपाही कृष्णवीर सिंह और छत्रपति सिंह को भी निलंबित कर दिया गया।
पुलिस दे रही दबिश
पीड़ित महिला के पति की तहरीर पर कुरावली पुलिस ने मारपीट, हत्या का प्रयास और एससी एसटी एक्ट के तहत इंस्पेक्टर और तीन सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद से ही इंस्पेक्टर सहित तीनों पुलिसकर्मी फरार हैं।
कुरावली पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे चुकी है, लेकिन आरोपी पुलिसकर्मी हत्थे नहीं चढ़े हैं। अब एसपी ने सीओ को गिरफ्तारी वारंट जारी कराने के निर्देश दिए हैं।
सपा नेताओं ने फूंका था पुतला
सामूहिक दुष्कर्म मामले में सपा नेताओं ने सात जुलाई को मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया था। कोतवाली पुलिस ने महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ज्योति मैसी व अन्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसपी ने सपा नेताओं के खिलाफ भी वारंट जारी कराने के निर्देश दिए हैं।
सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता महिला का गुरुवार को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में दोबारा मेडिकल कराया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस शुक्रवार को रिपोर्ट मिलने की बात कह रही है।
पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय ने बताया कि फरार चल रहे पुलिसकर्मियों और सपा नेताओं के खिलाफ वारंट जारी कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।