जिला पंचायत के वार्ड नंबर दस की फांस अधिकारियों के गले से अभी निकल भी नहीं पाई है कि वार्ड 13 में भी गड़बड़ी के आरोप लगने लगे हैं। इस वार्ड के पांच बूथों पर फिर से मतगणना कराने की मांग को लेकर प्रत्याशियों ने लोगों के साथ गुरुवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। काले झंडे लेकर आए प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि दो दिन में पुनर्मतगणना नहीं कराई गई तो वे आमरण अनशन करेंगे।
वार्ड संख्या 13 से पन्नालाल, यादराम, निरंजन सिंह, सुरेंद्र सिंह चाहर ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। पन्नालाल का आरोप है कि मतगणना के दौरान बूथ संख्या 148, 149, 150, 151 और 152 में पड़े वोटों की गिनती नहीं की गई थी। तहसीलदार रविशंकर सिंह से शिकायत करने पर उन्होंने दूसरे कक्ष में गिनती पूरी होने की बात कही, जबकि प्रत्याशियों के मतगणना एजेंटों ने कहा कि इन बूथों के वोटों की गिनती नहीं कराई गई है। आरोप है कि इससे गुस्साए तहसीलदार ने उन्हें पुलिस की मदद से बाहर निकलवा दिया। इसकी शिकयत जिला निर्वाचन अधिकारी से की गई। चुनाव आयोग को फैक्स भेज कर पुनर्मतगणना की मांग की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने सवाल उठाए कि वार्ड नंबर 10 में सत्ता के दबाव में दो बार पुनर्मतगणना कैसे करा दी गई। उन्होंने एसीएम को ज्ञापन भी दिया। प्रदर्शन में बीडीसी प्रत्याशी अचल कुमार, देवेंद्र कुमार, मनोज कुमार, दिनेश, केदार सिंह, बाबूलाल, रनवीर सिंह, मालती, रामवती, सरोज देवी और नैनाना जाट के ग्रामीण शामिल रहे।