मगर, पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। शुक्रवार को मुखबिर से सूरज के बारे में जानकारी मिली। उसको साईं का तकिया से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने रेलवे में चोरी की थी। इस बारे में डैनी को पता था।
डैनी ने जीआरपी से मुखबिरी कर दी। इस पर पुलिस ने उसे साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया था। इससे सूरज डैनी से रंजिश मानने लगा। जेल से छूटने के बाद उसकी हत्या कर दी। शव को कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। दो साल से वह इधर-उधर घूम रहा था।
इंस्पेक्टर की हुई थी जांच
दो वर्ष में हत्यारोपित के न गिरफ्तार होने पर इंस्पेक्टर रकाबगंज की प्रारंभिक जांच भी खुली थी। अधिकारियों ने उनकी लापरवाही मानते हुए दोषी करार दिया था। इसके बाद से पुलिस गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी। कई टीम गठित की गई थी। पुलिस उसके सुराग में लगी थी।
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