सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता केसी जैन ने आरोप लगाया कि सीटें खाली रहने के बावजूद वेटिंग टिकट रद्द कर दिए गए और बाद में टीटीई द्वारा अधिक दर पर नया टिकट जारी किया गया।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता केसी जैन ने गतिमान एक्सप्रेस में सीटें खाली रहने के बावजूद वेटिंग यात्रियों के टिकट निरस्त होने और सीट के लिए दोगुने से अधिक धनराशि लेने का मुददा उठाया है। उन्होंने रेल मंत्री को पत्र लिखकर टिकट व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
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अधिवक्ता केसी जैन ने बताया कि 15 फरवरी उनके रिश्तेदार दिल्ली निवासी दीपिका जैन, एनआरआई अंकिता सिंघल और शशांक जैन को दिल्ली जाना था। इसके लिए एक दिन पहले गाड़ी संख्या 12049 गतिमान एक्सप्रेस से आगरा कैंट से हजरत निजामुद्दीन तक यात्रा के लिए टिकट बुक किया। चार्ट बनने के बाद टिकट की स्थिति वेटिंग लिस्ट में 16, 17 व 18 थी। चार्ट बनने के बाद यह निरस्त हो गए।
तीन टिकट 1845 रुपये की थीं। निरस्त करने पर 1575 रुपये वापस किए गए। बाकी रकम काट ली गई। इसके बावजूद यात्री ट्रेन में चढ़ गए। एसी चेयरकार में कुछ सीट खाली थीं। इस पर टीटीई ने नया टिकट अधिक दर से जारी किया। रेलवे के नियम के मुताबिक, इसके लिए दोगुने से अधिक रकम ली गई। अधिवक्ता ने मांग की कि सीट खाली न जाए इसके लिए पूर्व में स्टेशन आने से पहले चेक कर लिया जाए। इससे यात्रियों को फायदा होगा। कम कीमत पर टिकट मिल जाएगी और यात्रा भी संभव हो जाएगी। इससे रेलवे को भी फायदा होगा। सीट खाली नहीं जाएगी।